

Husain Dalwai On Waqf Board Controversy: मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल करने के प्रस्ताव पर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस नेता हुसैन दलवाई ने इस कदम पर कड़ी आपत्ति जताते हुए सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं।
उन्होंने सीधे तौर पर पूछा है कि यदि वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिमों को जगह दी जा रही है, तो क्या इसी तर्ज पर राम मंदिर ट्रस्ट जैसे हिंदू धार्मिक ट्रस्टों में भी मुस्लिम सदस्यों को शामिल किया जाएगा?
दलवाई ने सरकार के इस रुख को भेदभावपूर्ण बताते हुए कहा कि हिंदू समाज के ट्रस्टों में मुसलमानों को स्थान देने की बात कोई नहीं करता, लेकिन वक्फ बोर्ड में बदलाव किए जा रहे हैं। उनके अनुसार, यह कदम मुसलमानों को हर स्तर पर दबाने की कोशिश का हिस्सा है, जिससे देश का कोई भला नहीं होगा, बल्कि केवल नुकसान ही होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की एकतरफा कार्रवाइयां सामाजिक ताने-बाने के लिए हानिकारक साबित हो सकती हैं।
धार्मिक ट्रस्टों के अलावा, हुसैन दलवाई ने यूसीसी पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे व्यक्तिगत रूप से यूसीसी के विरोधी नहीं हैं, लेकिन इसे लागू करने से पहले समाज में व्यापक बहस होनी चाहिए। उन्होंने बहुविवाह को गलत बताया और जोर दिया कि औरतों को समान दर्जा मिलना चाहिए। हुसैन दलवाई ने कहा कि चाहे हिंदू हो या मुस्लिम, महिलाओं को संपत्ति और अधिकारों के मामले में बराबरी मिलनी चाहिए, लेकिन यह सब हम करें सो कायदा के बजाय जन-संवाद के माध्यम से होना चाहिए।
अंत में, उन्होंने शिवसेना कार्यकर्ताओं द्वारा डॉक्टरों पर किए गए हमले की भी कड़ी निंदा की। दलवई ने कहा कि डॉक्टरों के साथ मारपीट करना पूरी तरह से गलत है। उन्होंने माना कि सरकारी अस्पतालों की कमी के कारण डॉक्टरों पर काम का भारी बोझ रहता है और भीड़ की वजह से कभी-कभी गलतियां हो सकती हैं, लेकिन इसका समाधान हिंसा नहीं है। उन्होंने दोषियों को सजा देने की वकालत करते हुए कहा कि डॉक्टरों को सुरक्षा और सम्मान मिलना अनिवार्य है।