CJP के आंदोलन में शामिल होने जा रहे कार्यकर्ताओं को मुंबई पुलिस ने नजरबंद किया।
कांग्रेस नेता हुसैन दलवाई ने पुलिस की कार्रवाई को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन बताया।
हुसैन दलवाई ने CM फडणवीस को चिट्ठी लिखकर रिहाई के निर्देश देने की अपील की।
Hussain Dalwai Letter To Devendra Fadnavis: देश की राजधानी दिल्ली में आयोजित कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन से पहले महाराष्ट्र की राजनीति में भारी सरगर्मी देखने को मिल रही है। महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता और पूर्व सांसद हुसैन दलवाई ने राज्य के मुख्यमंत्री और गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर पुलिस प्रशासन पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने मांग की है कि दिल्ली आंदोलन में शामिल होने जा रहे कार्यकर्ताओं को तुरंत और सम्मानजनक तरीके से रिहा किया जाए।
कांग्रेस नेता हुसैन दलवाई ने पत्र में लिखा है कि 10 अक्टूबर को नई दिल्ली में चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर विभिन्न छात्र संगठनों और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से एक शांतिपूर्ण मार्च आयोजित किया गया है।
हुसैन दलवाई ने कहा कि इस लोकतांत्रिक आंदोलन में शामिल होने के लिए महाराष्ट्र के कई लोग दिल्ली रवाना होने वाले थे, लेकिन बेहद अफसोस और नाराजगी की बात है कि इन कार्यकर्ताओं को दिल्ली जाने से रोकने के लिए मुंबई पुलिस ने कथित तौर पर तानाशाह रवैया अपनाते हुए उन्हें मुंबई स्थित उनके आवास से ही हिरासत में ले लिया और पुलिस थाने में बैठाकर रखा।
कांग्रेस नेता हुसैन दलवाई ने आरोप लगाते हुए कहा कि महाराष्ट्र से ट्रेन के जरिए दिल्ली जा रहे कई अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं और छात्रों को भी रास्ते में अलग-अलग रेलवे स्टेशनों पर रोककर हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है।
हुसैन दलवाई ने कहा कि एक लोकतांत्रिक देश में नागरिकों को अपनी मांगों के समर्थन में शांतिपूर्ण आंदोलन करने और यात्रा करने का मौलिक अधिकार भारतीय संविधान प्रदान करता है। ऐसे में महाराष्ट्र के वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ताओं को मुंबई में ही नजरबंद करना और युवाओं के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार करना, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक अधिकारों का सीधा उल्लंघन है।
कांग्रेस नेता हुसैन दलवाई ने देवेंद्र फडणवीस को संबोधित करते कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री और गृहमंत्री होने के नाते आपसे अनुरोध है कि इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करें और पुलिस की इस कथित दमनकारी कार्रवाई पर संज्ञान लें।
साथ ही महाराष्ट्र के जिन-जिन कार्यकर्ताओं और छात्रों को देश के विभिन्न हिस्सों में यात्रा के दौरान गिरफ्तार या हिरासत में लिया गया है, उन्हें तत्काल और सम्मानजनक रिहाई सुनिश्चित करने के लिए संबंधित प्रशासन को आवश्यक निर्देश दें।