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मुंबई में SIR प्रक्रिया पर CEO चोक्कलिंगम का कड़ा निर्देश, फर्जी आपत्ति देने वालों पर दर्ज होगी पुलिस FIR

SIR Voter List Review: महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस.चोक्कलिंगम ने मुंबई में अधिकारियों को SIR प्रक्रिया पारदर्शी रखने और फर्जी जानकारी देकर नाम हटवाने वालों पर FIR के निर्देश दिए।

रूपम सिंह

Maharashtra Election Commission SIR Voter List Review: एसआईआर के तहत मुंबई में मृत और दूसरे स्थानों पर चले गए 30 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए जाने के बाद अब चुनाव आयोग का पूरा जोर पात्र नागरिकों का नाम सूची में सुनिश्चित करने पर है। महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस। चोक्कलिंगम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि एसआईआर की प्रक्रिया में एक भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से बाहर नहीं होना चाहिए और किसी भी अपात्र व्यक्ति को सूची में जगह नहीं मिलनी चाहिए,

गलत जानकारी देने पर FIR दर्ज करने के निर्देश

बीएमसी क्षेत्र के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) और सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (एईआरओ) के लिए 02 सितंबर को विले पार्ले स्थित मास्टर दीनानाथ मंगेशकर नाट्यगृह में विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। इस दौरान चोक्कलिंगम ने अधिकारियों को दावों और आपत्तियों की सुनवाई से लेकर दस्तावेजों की जांच तक पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से करने के निर्देश दिए। चोक्कलिंगम ने कहा कि मृत अथवा अन्य स्थानों पर स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने के लिए फॉर्म नंबर 7 भरवाते समय जानकारी की पुष्टि करना जरूरी है। यदि कोई व्यक्ति गलत जानकारी देकर किसी का नाम हटाने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जाए।

दावे व आपत्ति को लेकर आयोग जारी करेगा नोटिस

  • प्रारूप मतदाता सूची पर आने वाली आपत्तियों और दावों की सुनवाई के लिए संबंधित नागरिकों को नोटिस के साथ फोन पर भी सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं। यदि संबंधित व्यक्ति सुनवाई में उपस्थित नहीं होता है, तो आदेश की प्रति उसके व्हाट्सएप नंबर पर भेजी जाएगी।

  • किसी नागरिक को स्वयं उपस्थित होने में परेशानी होने पर उसके रिश्तेदार को पात्रता का प्रमाण प्रस्तुत करने की अनुमति दी जा सकती है।

  • उन्होंने मतदान केंद्र स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) को भी विशेष सावधानी बरतने को कहा। नए मतदान केंद्रों को लेकर नागरिकों में भ्रम न हो, इसके लिए सुनवाई शिविर नए मतदान केंद्रों पर आयोजित करने को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।

आवश्यक दस्तावेजों की जांच

अधिकारियों के मुताबिक, मतदाताओं के निवास प्रमाण की जांच पहले चरण में हो चुकी है। इसलिए अब दोबारा निवास प्रमाण लेने की जरूरत नहीं है। केवल नागरिकता और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाएगी। नागरिकता से जुड़े दस्तावेजों में संदेह होने पर ही गहन सत्यापन किया जाएगा।

वहीं, 24 अक्टूबर 2024 के बाद 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं और विद्यार्थियों के लिए विशेष शिविर आयोजित कर फॉर्म नंबर 6 भरवाने की व्यवस्था करने को कहा गया है। कॉलेजों के सहयोग से नए मतदाताओं का पंजीकरण बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। सभी ईआरओ और एईआरओ को अगले दो महीनों में बिना किसी दबाव या हस्तक्षेप के चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार यह प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

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