

Gondia Schools Government Certificate Camp: छात्रों को अब स्कूल और उच्च शिक्षा में प्रवेश के लिए आवश्यक जाति, आय, निवास जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज प्राप्त करने के लिए सरकारी कार्यालयों या 'आपले सरकार सेवा केंद्रों' के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं होगी। सरकार ने सीधे स्कूलों में ही विशेष कैंप (शिविर) लगाकर विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट देने का अहम फैसला लिया है। राज्य सरकार ने इस संबंध में जिलाधीश (कलेक्टर) को कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं, जिसके बाद जिले में इस विशेष अभियान का क्रियान्वयन भी शुरू हो जाएगा।
आमतौर पर स्कूलों और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों (प्रोफेशनल कोर्सेज) में प्रवेश के लिए आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, नॉन-क्रीमीलेयर प्रमाण पत्र, अधिवास (डोमीसाइल) प्रमाण पत्र और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है। इसके लिए दूरदराज के गांवों से अभिभावकों को तहसील मुख्यालय पर स्थित तहसील कार्यालय या सेतु केंद्र पर आना पड़ता है। विशेषकर बरसात के दिनों में उनकी यह भागदौड़ और ज्यादा बढ़ जाती है।
राज्य सरकार ने सभी जिलाधीशों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने जिलों में शिक्षा विभाग और राजस्व विभाग के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखें। इस अभियान के तहत जिले के सबसे दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए एक 'शिविर योजना' तैयार की जाएगी और सुचारु रूप से प्रमाण पत्र जारी करने का अभियान चलाया जाएगा।
छात्रों को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाने के लिए 'आपले सरकार सेवा केंद्र' के संचालक और महा-ई-सेवा केंद्रों के प्रतिनिधि अपने कंप्यूटर, इंटरनेट कनेक्टिविटी और बायोमेट्रिक उपकरणों के साथ सीधे स्कूलों में उपस्थित रहेंगे। इससे अभिभावकों और विद्यार्थियों को लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। सरकार की इस अनूठी पहल से जिले के हजारों छात्र-छात्राओं को सीधा लाभ मिलेगा।
सरकार के नए फैसले के अनुसार, हर स्कूल में एक विशेष समन्वय अधिकारी (नोडल ऑफिसर) की नियुक्ति की जाएगी। विद्यालय में ही निश्चित दिनों पर विशेष शिविर का आयोजन किया जाएगा, जहां विद्यार्थियों के आवेदन पत्र एकत्र कर मौके पर ही दस्तावेजों का सत्यापन (वेरिफिकेशन) किया जाएगा तथा एक निश्चित समय सीमा के अंदर प्रमाण पत्र सीधे विद्यार्थियों के हाथों में सौंप दिया जाएगा।