Eknath Shinde Shares Emotional Personal Experiences: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने संबंधों को लेकर एक अत्यंत भावुक और आत्मीय बयान दिया है। शिंदे ने स्पष्ट किया कि शिवसेना और भाजपा का गठबंधन केवल राजनीतिक समीकरणों पर आधारित नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनका एक पारिवारिक और व्यक्तिगत रिश्ता है। उन्होंने पीएम मोदी को एक परिवार के मुखिया के रूप में बताते करते हुए कई अनछुए पहलुओं को साझा किया।
एकनाथ शिंदे ने उन पलों को याद किया जब वे कठिन परिस्थितियों में थे। उन्होंने बताया कि जब उनके हेलीकॉप्टर के साथ एक छोटी दुर्घटना हुई थी, तब प्रधानमंत्री मोदी ने बहुत ही आत्मीयता और संवेदनशीलता के साथ उनका हालचाल जाना था। शिंदे के अनुसार, एक देश के प्रधानमंत्री का एक राज्य के नेता के प्रति इस तरह का व्यक्तिगत लगाव यह दर्शाता है कि वे अपने साथियों को केवल राजनीतिक सहयोगी नहीं, बल्कि परिवार का हिस्सा मानते हैं।
राजनीति की गहमागहमी के बीच भी प्रधानमंत्री मोदी मानवीय संवेदनाओं को नहीं भूलते, इसका उदाहरण देते हुए शिंदे ने एक चुनावी किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि चुनाव प्रचार के दौरान जब वे लगातार रैलियां और भाषण दे रहे थे, तब उनकी आवाज बैठ गई थी। उस समय प्रधानमंत्री ने उनसे बहुत ही अपनेपन के साथ कहा था, शिंदे जी, अरे आपका आवाज बैठ रहा है, उसका इलाज करो। शिंदे के लिए यह सलाह केवल एक सुझाव नहीं, बल्कि एक बड़े भाई की चिंता जैसी थी।
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प्रधानमंत्री मोदी का स्नेह केवल उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उनके पूरे परिवार के साथ है। शिंदे ने बताया कि जब 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद एक डेलीगेशन विदेश गया था, तब प्रधानमंत्री ने उनके पुत्र और सांसद श्रीकांत शिंदे के बारे में भी बहुत ही आत्मीयता से पूछताछ की थी। इसके अलावा, शिंदे के छोटे पोते रुद्रा के साथ भी प्रधानमंत्री की बहुत अच्छी बॉन्डिंग है।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इन यादों को अपनी व्यक्तिगत और पारिवारिक संपत्ति बताया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि एनडीए के घटक दल के रूप में काम करना एक जिम्मेदारी है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने जिस तरह से पारिवारिक रिश्तों को संजोया है, वह उनके नेतृत्व की एक विशेष पहचान है। यह बयान दर्शाता है कि महाराष्ट्र की राजनीति में महायुति का आधार केवल सत्ता नहीं, बल्कि शीर्ष नेतृत्व के साथ बना हुआ अटूट व्यक्तिगत विश्वास भी है।