एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे को कह दिया आलसी। (सौजन्यः सोशल मीडिया) 
मुंबई

एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे को कह दिया आलसी, बोले-लोग मेहनती को चाहते हैं निठल्ले को नहीं...

पमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को अपने प्रतिद्वंद्वी और शिवसेना (उबाठा) अध्यक्ष उद्धव ठाकरे पर ताजा हमला करते हुए कहा कि लोग मेहनती लोगों का समर्थन करते हैं न कि उन लोगों का जो घर में निठल्ले बैठे हैं।

आंचल लोखंडे

मुंबई: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को अपने प्रतिद्वंद्वी और शिवसेना (उबाठा) अध्यक्ष उद्धव ठाकरे पर ताजा हमला करते हुए कहा कि लोग मेहनती लोगों का समर्थन करते हैं, न कि उन लोगों का जो घर में निठल्ले बैठे हैं। मार्च 2020 में जब से महाराष्ट्र में कोरोना वायरस महामारी फैली तब से ठाकरे के प्रतिद्वंद्वी और आलोचक उन पर निशाना साध रहे हैं।

उनका कहना है कि मुख्यमंत्री पद पर आसीन होने के बावजूद ठाकरे उस समय लोगों की मदद करने के लिए अपने घर से बाहर नहीं आए और केवल ‘फेसबुक लाइव' (सोशल मीडिया मंच के जरिए संवाद) ही किया। शिंदे ने कहा कि जनता की सरकार 2022 में बनी। तब से हमने केवल आरोप-प्रत्यारोप में उलझने के बजाय ठोस नतीजे देने पर ध्यान केंद्रित किए रखा है।

जनता काम करने वालों का साथ देती है, निष्क्रिय रहने वालों का नहीं

शिंदे ने नाम लिए बिना आगे कहा कि इसलिए जनता काम करने वालों का साथ देती है, घर में निष्क्रिय रहने वालों का नहीं। वह यहां नासिक के 4 पूर्व पार्षदों को पार्टी में शामिल करने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। चारों पूर्व पार्षद ठाकरे नीत शिवसेना (उबाठा) को छोड़कर सत्तारूढ़ शिवसेना में शामिल हो गए हैं। तमाम विरोध, नाराजगी और अटकलों के बाद सुधाकर बडगुजर और बबनराव घोलप का भाजपा प्रवेश

शिंदे की बगावत

शिंदे द्वारा ठाकरे के नेतृत्व के खिलाफ जून 2022 में बगावत करने की वजह से शिवसेना में विभाजन हो गया था। शिंदे की बगावत की वजह से ठाकरे नीत महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार गिर गई थी।

शिंदे बने थे मुख्यमंत्री

एमवीए सरकार गिरने के बाद शिंदे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के समर्थन से मुख्यमंत्री बने। नवंबर 2024 के विधानसभा चुनावों के बाद, भाजपा के देवेंद्र फडणवीस ने शीर्ष पद संभाला, जबकि शिंदे और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता अजित पवार उपमुख्यमंत्री बनाए गए।

विकासात्मक दृष्टिकोण

शिंदे ने पार्षदों का पार्टी में स्वागत करते हुए कहा कि हम बालासाहेब ठाकरे और आनंद दीघे के आदर्शों और विकासात्मक दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। पिछले चुनाव में आपका चुनाव चिह्न धनुष और तीर था और अब यह एक बार फिर आपका है। आप सभी घर वापस आ गए हैं।''

(एजेंसी इनपुट के साथ)

क्या नेपाल, भूटान या पाकिस्तान के नागरिक दे सकते हैं UPSC सिविल सेवा परीक्षा? जानिए पूरा नियम

गुजरात और महाराष्ट्र में PM मोदी का Gen Z से सीधा संवाद, वडोदरा में Y-आकार के रैंप पर युवाओं से करेंगे बातचीत

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को जान से मारने की धमकी, मंत्रालय कार्यालय पहुंची गुमनाम चिट्ठी से मचा हड़कंप

Delhi Building Collapse Live: PG मालिक के बाद पत्नी-बेटा भी अरेस्ट, सत्य निकेतन में 27 घंटे बाद रेस्क्यू खत्म

फिरोज गांधी: नेहरू परिवार के सदस्य नहीं, आज़ाद भारत के पहले बड़े वित्तीय घोटाले का पर्दाफाश करने वाले सांसद