ED Parimatch Betting Racket: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने साइप्रस आधारित गैर-कानूनी ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म 'परीमैच' से जुड़े एक बड़े मनी-लॉन्ड्रिंग रैकेट का पर्दाफाश किया है।
जांच में सामने आया कि बेटिंग सिंडिकेट ने ई-कॉमर्स और डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स के कैश-ऑन-डिलीवरी (सीओडी) और कैश मैनेजमेंट सिस्टम (सीएमएस) के बुनियादी ढांचे का गलत इस्तेमाल करके सट्टेबाजी के काले धन को सफेद किया।
यह पूरा खेल एक गुप्त "कैश-स्वैप" मॉडल पर काम कर रहा था। डिलीवरी राइडर्स द्वारा ग्राहकों से जमा किया गया असली फिजिकल कैश सीएमएस डिस्ट्रीब्यूटर्स और एजेंटों के पास पहुंचता था। ई-कॉमर्स कंपनियों की जानकारी के बिना, इन एजेंटों ने असली कैश को बेटिंग नेटवर्क से जुड़े बिचौलियों को सौंप दिया।
कंपनी के खातों का हिसाब बराबर करने के लिए, डिस्ट्रीब्यूटर्स ने बेटिंग नेटवर्क के म्यूल (फर्जी) बैंक खातों से, उतना ही डिजिटल पैसा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के ऑफिशियल बैंक अकाउंट्स में ट्रांसफर कर दिया।
सिंडिकेट को मिला फिजिकल कैश बाद में लोकल हवाला ऑपरेटर्स और क्रिप्टो बिचौलियों को भेजा गया। वहां इस कैश को यूएसडीटी (डॉलर पेग्ड क्रिप्टोकरेंसी) में बदला गया और ऑफशोर परीमैच नेटवर्क व विदेशी क्रिप्टो वॉलेट्स में ट्रांसफर कर दिया गया।
इस बहुस्तरीय व्यवस्था ने बेटिंग सिंडिकेट को एक मजबूत ढाल दी। अगर जांच एजेंसियां पैसों के ट्रेल को ट्रैक भी करतीं, तो शुरुआती जांच का रुख असली ई-कॉमर्स कंपनियों की तरफ जाता, जिससे मुख्य बेटिंग ऑपरेटर्स बच निकलते थे।