Drugs Free Youth Awareness In Mumbai: कौशल, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा कि नशे की लत शरीर और मन में घर कर जाए तो उससे बाहर निकलना बेहद मुश्किल होता है।
इसका असर व्यक्ति के साथ पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। इसलिए नशा शरीर और समाज को खोखला करने वाला कैंसर है। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत बताई।
कलिना कैंपस स्थित मुंबई विश्वविद्यालय के ग्रीन टेक्नोलॉजी ऑडिटोरियम में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत ‘ड्रग्स फ्री मुंबई’ विद्यार्थी परामर्श एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना और उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना था।
इस अवसर पर मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने शिक्षकों और अभिभावकों से बच्चों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि किशोरावस्था में बच्चों की संगत उनके व्यवहार और भविष्य को प्रभावित कर सकती है।
इसलिए अभिभावकों और शिक्षकों को बच्चों को ‘गुड फ्रेंड’ और ‘बैड फ्रेंड’ के बीच अंतर समझाना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से सही संगत चुनने, नशे से दूर रहने और सकारात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी की अपील भी की।
लोढ़ा ने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 30 जुलाई को ‘ड्रग्स फ्री मुंबई’ अभियान शुरू किया था, जो एक वर्ष चलेगा। नशे से बढ़ती आपराधिक प्रवृत्ति को गंभीर खतरा बताते हुए उन्होंने युवाओं से अभियान में योगदान देने की अपील की। कार्यक्रम में अभियान में उल्लेखनीय काम करने वाले 21 लोगों का सम्मान किया गया और उपस्थित लोगों ने नशामुक्ति की शपथ ली।
टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (टीआईएसएस) की सहायक प्रोफेसर डॉ. साई गीता चित्तूरू ने किशोरावस्था, जबकि ब्रह्मकुमारी प्रशांति ने ‘बी स्मार्ट बी स्ट्रांग विदीन’ विषय पर मार्गदर्शन दिया। सौरभ कटियार समेत पुलिस अधिकारी, शिक्षक, अभिभावक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।