Drug Free Mumbai Campaign Devendra Fadnavis Launch: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई को नशामुक्त बनाने के लिए 'ड्रग फ्री मुंबई' अभियान का शुभारंभ किया है। इस महत्वपूर्ण पहल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री फडणवीस को बधाई दी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि एक सशक्त, जागरूक और नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए यह अभियान एक बेहद जरूरी कदम साबित होगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा कि नशा समाज के स्वास्थ्य, सुरक्षा और विकास के लिए गंभीर चुनौती है। इसका सबसे अधिक दुष्प्रभाव युवाओं के भविष्य पर पड़ता है। उन्होंने विश्वास जताया कि 'ड्रग फ्री मुंबई' अभियान 'नशामुक्त भारत' संकल्प को नई गति देगा।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि स्कूलों के पास ड्रग्स बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी और सूचना देने वालों का नाम गुप्त रखा जाएगा। कार्यक्रम के दौरान बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिडे ने प्रधानमंत्री का संदेश पढ़कर सुनाया। वहीं, मंत्री
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि ड्रग्स के खिलाफ यह लड़ाई सिर्फ कानून-व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि देश के भविष्य को बचाने का सामूहिक संघर्ष है। उन्होंने चेतावनी दी कि युवाओं को नशे के जाल में फंसा कर देश को अंदर से कमजोर करने की साजिश रची जा रही है। सरकार अगले दो से चार वर्षों में मुंबई को पूरी तरह ड्रग्स मुक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मंगलप्रभात लोढा ने युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए 15 अगस्त से 'सीएम महाधन' योजना शुरू करने की बात कही। कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने कहा कि 'ड्रग फ्री मुंबई' केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि जनआंदोलन है। उन्होंने बताया कि शहर के चार हजार से अधिक स्कूलों और कॉलेजों में मार्गदर्शन एवं परामर्श समितियां बनाई गई हैं और एक हजार से अधिक प्रशिक्षित काउंसलर तैनात किए गए हैं।
देश के युवाओं में नशे की लत लगातार बढ़ रही है और अब यह किसी एक राज्य तक सीमित नहीं रही है। गुरुवार को राज्यसभा में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने इस सच्चाई को स्वीकार किया। आज देश में हीरोइन, चरस, अफीम के साथ-साथ नए-नए सिंथेटिक ड्रग्स भी युवाओं तक बहुत आसानी से पहुंच रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री ने यह स्वीकारोक्ति लोक मोर्चा के सांसद उपेंद्र कुशवाहा के सवाल का जवाब देते राज्यसभा में की है। कुशवाहा ने बिहार में नशे के बढ़ते चलन और उससे जुड़े अपराधों को लेकर सरकार से जानकारी मांगी थी।
जवाब में मंत्री ने कहा कि बिहार में स्थिति गंभीर है, लेकिन यह समस्या अब राष्ट्रीय स्तर की बन चुकी है। उन्होंने कहा कि पहले हम मानते थे कि नशा केवल महानगरों या सीमावर्ती इलाकों में है, लेकिन अब छोटे शहरों और गांवों के युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। मांडविया ने नशे के बढ़ने का सबसे बड़ा कारण सोशल मीडिया को बताया।