सुप्रीम कोर्ट व धारावी (सोर्स: सोशल मीडिया) 
मुंबई

धारावी प्रोजेक्ट पर फिर टली सुनवाई, अडानी से जुड़ा है मामला, CJI बोले- मैं कितने फैसले लिखूंगा?

Dharavi Redevelopment Project: धारावी पुनर्विकास परियोजना को अडानी समूह को सौंपने के खिलाफ सेकलिंक टेक्नोलॉजीज की याचिका पर सुनवाई दिसंबर के पहले सप्ताह तक टल गई है।

आकाश मसने

Dharavi Redevelopment Project supreme Court Hearing Postponed: सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई की महत्वपूर्ण धारावी पुनर्विकास परियोजना पर सुनवाई गुरुवार को स्थगित कर दी है। प्रधान न्यायाधीश (CJI) बीआर गवई के 23 नवंबर को सेवानिवृत्त होने के कारण पीठ ने कहा कि वह इस मामले में सुनवाई पूरी नहीं कर पाएंगे, इसलिए यह मामला दिसंबर के पहले सप्ताह तक के लिए टल गया है।

CJI बोले- मैं कितने फैसले लिखूंगा?

उच्चतम न्यायालय में प्रधान न्यायाधीश बीआर गवई, न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन और न्यायमूर्ति विपुल पंचोली की पीठ संयुक्त अरब अमीरात स्थित सेकलिंक टेक्नोलॉजीज कॉर्पोरेशन की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। यह याचिका धारावी पुनर्विकास परियोजना को अडानी प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड को देने के महाराष्ट्र सरकार के फैसले को चुनौती देती है। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति गवई ने कहा कि उनके हाथ में बहुत से मामले हैं और चूंकि वह 23 नवंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं, इसलिए वह इस मामले में सुनवाई पूरी नहीं कर पाएंगे। उन्होंने मौखिक रूप से टिप्पणी की, "हमारे हाथ में बहुत से मामले हैं, मैं कितने फैसले लिखूंगा? इसके बाद शीर्ष अदालत ने सुनवाई को दिसंबर के पहले सप्ताह तक के लिए स्थगित कर दिया।

उच्च न्यायालय ने खारिज की थी याचिका

सेकलिंक टेक्नोलॉजीज कॉर्पोरेशन ने बंबई उच्च न्यायालय के 20 दिसंबर 2024 के फैसले को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया है। उच्च न्यायालय ने धारावी में मलिन बस्तियों के पुनर्विकास का रास्ता साफ कर दिया था और परियोजना के लिए अडानी समूह को दी गई निविदा को बरकरार रखा था। उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि राज्य सरकार के निर्णय में कोई मनमानापन, अनुचित तरीका या गड़बड़ी नहीं थी। उच्च न्यायालय ने सेकलिंक टेक्नोलॉजीज कॉर्पोरेशन की उस दलील को भी खारिज कर दिया था कि निविदा एक विशेष निजी समूह (अडानी) के अनुरूप तैयार की गई थी। उच्च न्यायालय ने कहा था कि इस प्रक्रिया में तीन बोलीदाताओं ने भाग लिया था।

बोली विवाद और पुरानी निविदा का रद्द होना

अडानी समूह 2022 की निविदा प्रक्रिया में सबसे बड़ा बोलीदाता बनकर उभरा था। अडानी प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड ने 5,069 करोड़ रुपये के प्रस्ताव के साथ यह 259 हेक्टेयर की परियोजना हासिल की थी।

इससे पहले, पहली निविदा नवंबर 2018 में जारी की गई थी। मार्च 2019 में बोलियां खोले जाने पर पता चला कि सेकलिंक टेक्नोलॉजीज कॉर्पोरेशन 7,200 करोड़ रुपये की पेशकश के साथ सबसे ऊंची बोली लगाने वाली कंपनी थी। हालांकि, सरकार ने उस निविदा को रद्द कर दिया था।

सरकार ने तर्क दिया कि कोविड-19 महामारी और रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे कई कारकों ने वित्तीय और आर्थिक स्थिति को प्रभावित किया, जिसके कारण चार साल बाद एक नई निविदा जारी की गई।

शीर्ष अदालत ने सात मार्च को परियोजना पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। हालांकि, शीर्ष अदालत ने अडानी प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड को परियोजना के लिए भुगतान केवल एक ही बैंक खाते के माध्यम से करने का निर्देश दिया था। धारावी दुनिया के सबसे घने शहरी इलाकों में से एक है, जिसमें आवासीय और छोटी औद्योगिक इकाइयां हैं।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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