Pratap Sarnaik Kailash Patil CCTV Row: महाराष्ट्र की राजनीति में धाराशिव के पालकमंत्री प्रताप सरनाईक और ठाकरे गुट के विधायक कैलाश पाटिल के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। तुलजापुर में CCTV कैमरे लगाए जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक बयानबाजी में बदल गया है। कैलाश पाटिल ने आरोप लगाया था कि तुलजा भवानी मंदिर परिसर में बिना केंद्र सरकार की अनुमति वाली चीनी कंपनी के CCTV कैमरे लगाए गए हैं।
पाटिल के आरोपों पर जवाब देते हुए प्रताप सरनाईक ने तंज कसते हुए उन्हें 'ऑपरेशन टाइगर 2' बताया। उन्होंने कहा कि इन्हीं कैमरों के जरिए उन पर नजर रखी जाएगी। सरनाईक की इस टिप्पणी के बाद विवाद और बढ़ गया और कैलाश पाटिल ने भी तीखा पलटवार किया।
कैलाश पाटिल ने कहा कि तुलजा भवानी मंदिर की सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए सरनाईक इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर उन पर नजर रखनी ही है तो 24 घंटे कैमरे वाली एक गाड़ी उनके पीछे लगा दी जाए। पाटिल ने CCTV व्यवस्था को लेकर उठाए गए सवालों को सुरक्षा के लिहाज से गंभीर बताया।
पाटिल के अनुसार, तुलजा भवानी मंदिर जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल की सुरक्षा से जुड़े सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए। उनका कहना है कि इस मुद्दे से ध्यान हटाने के बजाय सरकार को CCTV कैमरों की स्थापना और उनकी कंपनी से जुड़े पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
दूसरी ओर, प्रताप सरनाईक ने सड़कों में मौजूद खड्डों की समस्या को भी स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि खराब सड़कों के कारण उद्यमियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरनाईक ने इस मामले में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार द्वारा भेजे गए पत्र का समर्थन किया।
उन्होंने कहा कि उद्योग मंत्री जल्द ही इस समस्या का समाधान निकालेंगे। ऐसे में धाराशिव में एक ओर CCTV विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है, वहीं दूसरी ओर औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ी सड़क और बुनियादी ढांचे की समस्याओं को दूर करने की मांग भी सामने आ रही है।