महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (सोर्स-सोशल मीडिया)
मुंबई

FCRA बिल पर देवेंद्र फडणवीस का करारा जवाब, विदेशी चंदे से चल रही थीं देश विरोधी गतिविधियां

Devendra Fadnavis On FCRA Bill Controversy: केंद्र सरकार के FCRA संशोधन बिल पर मचे सियासी बवाल के बीच सीएम देवेंद्र फडणवीस ने दिया बयान, कहा- विदेशी चंदे की पारदर्शिता जरूरी।

अनिल सिंह

Devendra Fadnavis On FCRA Bill: केंद्र सरकार द्वारा संसद में लाए जा रहे 'विदेशी अंशदान नियमन अधिनियम' (FCRA) संशोधन विधेयक को लेकर देश और महाराष्ट्र की राजनीति में घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों द्वारा इसे ईसाई संस्थाओं तथा गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) को निशाना बनाने का आरोप लगाए जाने के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विपक्ष पर जोरदार पलटवार किया है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने साफ किया कि FCRA कानून किसी एक समुदाय के लिए नहीं, बल्कि विदेश से फंडिंग प्राप्त करने वाली हर संस्था और संगठन पर समान रूप से लागू होता है।

देश विरोधी गतिविधियों के लिए हो रहा था विदेशी चंदे का इस्तेमाल

मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य विदेशी फंड के दुरुपयोग को रोकना और राष्ट्रीय सुरक्षा को पुख्ता करना है। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, "कुछ संस्थाएं लगातार विदेशों से फंड प्राप्त कर रही थीं और उसका उपयोग देश विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने में किया जा रहा था। 

जो संगठन देशहित में ईमानदारी से काम कर रहे हैं और अपने खातों का पारदर्शी ऑडिट जमा करते हैं, उन्हें इस नए कानून से डरने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। नियमों का पालन करने वाली संस्थाओं को लाइसेंस मिलते रहेंगे।"

यह केवल ईसाई संस्थाओं से जुड़ा मुद्दा नहीं

कांग्रेस और समाजवादी पार्टी द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए फडणवीस ने स्पष्ट किया कि इस कानून को किसी विशेष धर्म या समुदाय को ध्यान में रखकर तैयार नहीं किया गया है।

उन्होंने कहा कि चाहे कोई धार्मिक संस्था हो, सामाजिक संगठन हो या एनजीओ, यदि वह विदेशों से पैसा ले रहा है, तो उसे सरकार के तय नियमों का पालन करना ही होगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष इस मामले को बेवजह सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहा है।

संसद में चर्चा के लिए तैयार है सरकार

विपक्षी दलों को नसीहत देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत एक जीवंत लोकतंत्र है और यदि किसी दल को विदेशी अंशदान नियमन अधिनियम FCRA संशोधन विधेयक के प्रावधानों पर आपत्ति है, तो वे संसद में अपनी बात रख सकते हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार का इरादा किसी भी निष्पक्ष संगठन को परेशान करना नहीं, बल्कि विदेशी चंदे में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करना है। मानसून सत्र के दौरान संसद में इस विधेयक पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने के आसार हैं।

आज की ताजा खबर 10 अगस्त LIVE: रांची में पुलिस के सामने राष्ट्रगान गाने लगे छात्र; पुलिस ने किया लाठीचार्ज

मानसून सत्र में नहीं थम रहा गतिरोध, प्रश्नकाल और शून्यकाल चढ़े हंगामें की भेंट, सभापति की अपील रही बेअसर

6 बागी सांसदों के शिवसेना में प्रवेश पर लगेगी रोक या मिलेगा अधिकार? सुप्रीम कोर्ट ने शिंदे गुट से मांगा जवाब

JPSC के पूर्व चेयरमैन गिरफ्तार, छात्र आंदोलन के बाद CID का बड़ा एक्शन, छापे के बाद दिया था इस्तीफा

राहुल गांधी कुछ नहीं करेंगे, आओ न डरो मत! पीएम मोदी पर संजय राउत ने साधा निशाना