Maharashtra De Addiction Centres Devendra Fadnavis: युवाओं को नशे के दुष्चक्र में जाने से रोकने के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत है, इसी सोच के साथ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य को नशामुक्त बनाने के लिए ठोस कार्ययोजना पर काम शुरू करने के निर्देश दिए हैं। वर्षा निवास पर आयोजित नशामुक्त महाराष्ट्र नीति की प्रस्तुतीकरण बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की समस्याओं को समझकर संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए उन्हें नशे से दूर रखा जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने निर्देश दिए कि नशे की गिरफ्त में फंसे युवाओं को बाहर निकालने के लिए हर सरकारी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में नशामुक्ति केंद्र स्थापित किए जाएं। केंद्र सरकार के माध्यम से चल रहे नशामुक्ति केंद्रों को भी मजबूत करने के लिए आवश्यकता पड़ने पर निधि उपलब्ध कराई जाएगी।
नशे से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे। साथ ही, केंद्र सरकार की तर्ज पर विशेष सरकारी अभियोक्ताओं का पैनल भी गठित किया जाएगा। बैठक में गृह राज्यमंत्री डॉ. पंकज भोयर, योगेश कदम सहित मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल और कॉलेज परिसरों को अमली पदार्थों और अवैध दुकानों से पूरी तरह मुक्त किया जाना चाहिए। इसमे किसी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं होगी। स्कूली पाठ्यक्रम मे अमली पदार्थों के दुष्परिणामों को भी शामिल करने के निर्देश दिए गए है।
राज्य में वर्ष 2023 में 897 करोड रुपए के अमली पदार्थ जब्त किए गए थे, जबकि 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 1,340 करोड़ रुपए हो गया, यानी कीमत के लिहाज से 49 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।