महाराष्ट्र की लाडकी बहिन योजना में 92.10 लाख अपात्र बाहर, 4.50 लाख सरकारी कर्मचारी भी शामिल

Ladki Bahin Yojana: महाराष्ट्र की लाडकी बहिन योजना में जांच और ई-केवाईसी के बाद 92.10 लाख अपात्रों के नाम हटाए गए। इनमें 4.5 लाख सरकारी कर्मचारी और उनके परिजन भी शामिल हैं।
9.21 million ineligible applicants excluded from Ladki Bahin Yojana; 450,000 government employees among them
लाडकी बहिन योजनासोर्स- सोशल मीडिया
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Ladki Bahin Scheme Ineligible Beneficiaries: महाराष्ट्र सरकार की लाडकी बहिन योजना में बड़े पैमाने पर अपात्र लाभार्थियों के शामिल होने का मामला सामने आया है। योजना की पात्रता जांच और ई-केवाईसी प्रक्रिया के बाद 92.10 लाख अपात्र लाभार्थियों के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। इनमें साढ़े 4 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारी और उनके परिवारों से जुड़े लाभार्थी शामिल हैं।

आरटीआई कार्यकर्ता जितेंद्र घाडगे द्वारा मांगी गई जानकारी में यह खुलासा हुआ है। इसके मुताबिक, योजना के सक्रिय लाभार्थियों की संख्या करीब 2.48 करोड़ से घटकर 1.65 करोड़ रह गई है। जांच के दौरान 4.42 लाख सरकारी कर्मचारियों ने स्वयं घोषणा के जरिए योजना से जुड़े होने की बात सामने आई, जबकि करीब 8,000 लाभार्थियों की पहचान सरकारी कर्मचारी के रूप में हुई।

इस तरह 4.50 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारी या उनके परिवार योजना का लाभ लेने वालों में पाए गए। योजना से सबसे अधिक 62 लाख महिलाओं के नाम ई-केवाईसी पूरी नहीं होने के कारण हटाए गए। वहीं 16 लाख लाभार्थी ऐसे पाए गए जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक थी।

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600 से 800 करोड़ की राशि पर सवाल

अपात्र सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को योजना के तहत मिली राशि करीब 600 से 800 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। हालांकि इस राशि की वसूली को लेकर सरकारी स्तर पर अब तक ठोस कार्रवाई के आंकड़े सामने नहीं आए हैं।

संबंधित विभाग ने बताया है कि अपात्र सरकारी कर्मचारियों से वसूली के संबंध में किसी भी जिला कार्यालय से रिपोर्ट या जानकारी प्राप्त नहीं हुई है। इससे सरकारी खजाने को हुए नुकसान की भरपाई को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

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