Dahisar Matrimonial Fraud Case प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स AI)  
मुंबई

सावधान! कहीं आपका पार्टनर भी 'विराज भोंसले' तो नहीं? सोशल मीडिया के जरिए महिलाओं से करोड़ों की ठगी का खुलासा

Dahisar Matrimonial Fraud Case: मुंबई के दहिसर में मैट्रिमोनियल साइट्स के जरिए महिलाओं से करोड़ों की ठगी करने वाला विराज भोंसले गिरफ्तार। फर्जी प्रोफाइल बनाकर देता था झांसा।

अनिल सिंह

Viraj Balasaheb Bhosale: मुंबई के दहिसर इलाके से एक बेहद शातिर 'मैट्रिमोनियल फ्रॉड' का मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने सोशल मीडिया और शादी के पोर्टल्स का इस्तेमाल कर दर्जनों महिलाओं को करोड़ों रुपये का चूना लगाया। खुद को रईस और रसूखदार दिखाने वाला यह आरोपी महिलाओं को शादी और विदेश में बसाने का झांसा देकर उनसे गहने और नकदी ऐंठता था।

दहिसर पुलिस ने तकनीकी जांच और साइबर सेल की मदद से इस आरोपी को विरार से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को अंदेशा है कि ठगी का यह आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है, क्योंकि जांच में कई अन्य महिलाओं के नाम भी सामने आ रहे हैं।

फर्जी प्रोफाइल और नोटों की गड्डियों का मायाजाल

गिरफ्तार आरोपी की पहचान विराज बाला साहेब भोंसले के रूप में हुई है। विराज बेहद शातिर तरीके से अपनी जालसाजी की पटकथा लिखता था। वह मैट्रिमोनियल साइट्स पर खुद को कभी फिल्म डायरेक्टर, कभी बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी का अधिकारी, तो कभी विदेश में स्थापित कारोबारी बताता था। महिलाओं का भरोसा जीतने के लिए वह वीडियो कॉल के दौरान अपने दराज में रखी नकली नोटों की गड्डियां दिखाता था, ताकि सामने वाले को उसकी अमीरी पर कोई शक न रहे। वह खुद को उच्च शिक्षित और कुंवारा बताकर महिलाओं को शादी के लिए राजी कर लेता था।

ED की रेड और बिजनेस लॉस का बहाना

जब महिलाएं पूरी तरह उसके जाल में फंस जाती थीं, तो विराज भावनात्मक ब्लैकमेलिंग का सहारा लेता था। वह अचानक किसी काल्पनिक मुसीबत का बहाना बनाकर पैसों की मांग करता था। कभी वह कहता कि उसके घर ईडी (ED) की रेड पड़ने वाली है और उसे अपने गहने व पैसे सुरक्षित रखने के लिए मदद चाहिए, तो कभी व्यापार में अचानक हुए घाटे या पारिवारिक मेडिकल इमरजेंसी का हवाला देता था। इसी तरह उसने एक पीड़ित महिला से करीब 6 लाख रुपये ऐंठ लिए और जब शादी का दबाव बढ़ा, तो अपना मोबाइल बंद कर गायब हो गया।

साइबर सेल की ट्रैकिंग और विरार से गिरफ्तारी

पीड़िता की शिकायत पर दहिसर पुलिस स्टेशन की सहायक पुलिस निरीक्षक श्रद्धा पाटील और उनकी साइबर टीम ने मामले की कमान संभाली। डिजिटल फुटप्रिंट्स और तकनीकी ट्रैकिंग के जरिए पुलिस विराज के ठिकाने तक पहुँचने में कामयाब रही और उसे विरार से धर दबोचा। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि विराज ने अब तक दर्जन भर से ज्यादा महिलाओं को अपना शिकार बनाया है। पुलिस अब उसके बैंक खातों और सोशल मीडिया चैट्स की गहराई से पड़ताल कर रही है ताकि ठगी की कुल रकम का पता लगाया जा सके।

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