Purvesh Sarnaik Govinda insurance: दहीहंडी उत्सव में मानवीय पिरामिड बनाने वाले गोविंदाओं की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। सरकार ने साल 2026 के लिए 1 लाख 60 हजार गोविंदाओं को बीमा सुरक्षा देने का शासनादेश जारी किया है।
युवा सेना के कार्याध्यक्ष पूर्वेश सरनाईक के लगातार प्रयासों के बाद लिया गया यह फैसला गोविंदा पथकों और उनके परिवारों के लिए राहत लेकर आया है।
पूर्वेश सरनाईक ने पिछले कई महीनों से दहीहंडी में हिस्सा लेने वाले गोविंदाओं की सुरक्षा का मुद्दा सरकार के सामने उठाया था। उनके लगातार प्रयास के बाद सरकार ने गोविंदाओं को दुर्घटना मृत्यु, स्थायी अपंगता और इलाज के खर्च के लिए व्यापक बीमा कवर देने का निर्णय किया।
शासनादेश के अनुसार दुर्घटना में मृत्यु होने या दोनों हाथ, दोनों पैर या दोनों आंखें खोने पर 10 लाख रुपये का बीमा दिया जाएगा। एक हाथ, एक पैर या एक आंख का नुकसान होने पर 5 लाख रुपये मिलेंगे। स्थायी पूर्ण अपंगता पर 10 लाख रुपये और आंशिक अपंगता पर पॉलिसी के प्रावधान अनुसार सहायता दी जाएगी। इसके अलावा दुर्घटना के कारण अस्पताल में इलाज का वास्तविक खर्च या अधिकतम 1 लाख रुपये तक की मदद भी उपलब्ध होगी।
इस बार बीमा का दायरा बढ़ाकर 1.60 लाख गोविंदाओं तक किया गया है। हर गोविंदा के लिए बेहद कम प्रीमियम पर बीमा की व्यवस्था की गई है। इसका खर्च राज्य क्रीड़ा विकास निधि से किया जाएगा।
इस फैसले का स्वागत करते हुए युवा सेना कार्याध्यक्ष पूर्वेश सरनाईक ने कहा, गोविंदा हमारी सांस्कृतिक परंपरा का गौरव है। उत्सव का आनंद मनाते समय हर गोविंदा की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। सरकार का यह निर्णय लाखों गोविंदाओं और उनके परिवारों को राहत देगा। उन्होंने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार के साथ ही परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक का भी आभार व्यक्त किया।
इस फैसले का स्वागत राज्यभर के दहीहंडी मंडलों, गोविंदा पथकों और उनके परिवारों ने किया है। पूर्वेश सरनाईक ने कहा कि हमारी इच्छा है कि उत्सव के दौरान एक भी गोविंदा घायल न हो,लेकिन यदि उसके साथ कोई दुर्घटना हो जाए तो सरकार पूरी तरह उसको मदद करे।