मुंबई का एक्यूआई (सोर्स: सोशल मीडिया) 
मुंबई

मुंबई का दम घोंट रही हवा! AQI 104 पार, विशेषज्ञों ने बताया कौन है इसका जिम्मेदार

Mumbai AQI : मुंबई का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 104 होकर 'मध्यम' श्रेणी में पहुंच गया है। विशेषज्ञ इसके लिए बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से जुड़ी निर्माण गतिविधियों और मौसम को जिम्मेदार ठहराते हैं।

आकाश मसने

Mumbai Air Pollution: रविवार को मुंबई का औसत AQI 104 दर्ज किया गया, हालांकि बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) जैसे क्षेत्रों में यह ‘गंभीर’ श्रेणी में था। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के विशेषज्ञों ने इस वृद्धि के लिए चल रही निर्माण गतिविधियों, वाहनों से होने वाले प्रदूषण और सर्दी के मौसम में होने वाले बदलावों को मुख्य कारण बताया है।

मुंबई और उसके उपनगरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में हो रही वृद्धि के लिए निर्माण गतिविधियों और वाहनों से होने वाले प्रदूषण को मुख्य तौर पर जिम्मेदार ठहराया गया है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मुंबई के जलवायु वैज्ञानिक अंशुमान मोदक ने यह पुष्टि की है कि ये उत्सर्जन ही प्रदूषण का प्राथमिक स्रोत हैं।

शहर में बड़े पैमाने पर विकास परियोजनाएं चल रही

शहर में बड़े पैमाने पर शहरी विकास देखने को मिल रहा है, जिसके तहत कई बुनियादी ढांचा परियोजनाएं चल रही हैं। इनमें मेट्रो रेल लाइन से लेकर सड़क निर्माण, पुल और अन्य निर्माण गतिविधियां शामिल हैं। इसके साथ ही, झुग्गी-झोपड़ियां, चॉल, मिल और औद्योगिक इकाइयां भी तेजी से गगनचुंबी इमारतों में तब्दील हो रही हैं, जो निर्माण कार्य की गति को दर्शाती हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग, मुंबई की वैज्ञानिक सुषमा नायर ने भी बुनियादी ढांचा गतिविधियों को AQI में वृद्धि के लिए एक प्रमुख कारक माना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मौसम संबंधी पहलू इस स्थिति को बिगाड़ते हैं। सर्दी के मौसम की शुरुआत तापमान में तब्दीली और उत्तर-पूर्वी हवाओं की विशेषता है।

क्या बोले विशेषज्ञ?

नायर के अनुसार, जब आसमान साफ होता है और हवा की गति कम होती है, तो जमीन तेजी से ठंडी हो जाती है, जिससे ठंडी हवा की एक परत गर्म हवा के नीचे बन जाती है। चूंकि ठंडी हवा घनी होती है, यह नीचे बैठ जाती है, जिससे प्रदूषक फैल नहीं पाते और हवा की गुणवत्ता खराब होती है। इसके अतिरिक्त, मुंबई जैसे बड़े शहरों में, घनी और ऊंची शहरी संरचनाएं वायु प्रवाह में बाधा डाल सकती हैं, जो प्रदूषण के प्रसार में और भी अधिक सहायक हो सकती हैं।

क्या है AQI का सही स्तर?

AQI की निर्धारित श्रेणियों के अनुसार, शून्य से 50 के बीच ‘अच्छा', 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक', और 101 से 200 के बीच ‘मध्यम' माना जाता है। वहीं, 401 से 500 के बीच AQI को ‘गंभीर' श्रेणी में रखा जाता है।

इस बिगड़ती वायु गुणवत्ता सूचकांक के बीच, बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए हैं। पिछले वर्ष अक्टूबर में, बीएमसी ने 28 दिशानिर्देश जारी किए थे।

इन दिशानिर्देशों में निर्माण स्थलों के चारों ओर धूल को नियंत्रित करने के लिए धातु की चारदीवारी और हरे कपड़े से ढकना, पानी का छिड़काव करना, मलबे का उचित भंडारण और परिवहन करना, साथ ही धुआं अवशोषण प्रणाली स्थापित करना शामिल था। BMC ने हाल ही में वायु प्रदूषण में योगदान देने वाले 53 निर्माण स्थलों को काम रोकने का नोटिस भी जारी किया है।

जहरीला धतूरा बेच रहे थे अमेजन, स्विगी इंस्टामार्ट और बिगबास्केट, FSDA ने सस्पेंड किया फूड लाइसेंस, हड़कंप

आपका धर्म पारसी है,अन्य धर्मों पर टिप्पणी करने का हक नहीं, राहुल गांधी पर सांसद निशिकांत दुबे का जुबानी हमला

मनुस्मृति पर राहुल गांधी का वार, निशिकांत दुबे ने किया पलटवार; फिर चर्चा में आया आंबेडकर का विरोध

Weather Update: कई राज्यों में जमकर बरसेंगे बादल, दिल्ली से MP-बिहार तक IMD का बारिश अलर्ट

Weather Update: देश भर में बारिश से हाहाकार! गुरुग्राम में हालात बेकाबू, 12 राज्यों में IMD का अलर्ट