चेंबूर हादसा (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया) 
मुंबई

चेंबूर बस हादसे की BMC रिपोर्ट खारिज, महापौर रितु तावड़े ने दोबारा जांच के दिए निर्देश

Chembur Tree Collapse: चेंबूर में स्कूल बस पर पेड़ गिरने से छात्र विहान की मौत मामले में मेयर रितु तावड़े ने बीएमसी की जांच रिपोर्ट खारिज कर दी। अधिकारियों को बचाने का लगाया आरोप।

रूपम सिंह

Chembur Tree Collapse Mayor Ritu Tawde: गुरूवार को बीएमसी सदन में महापौर रितु तावड़े ने मालवदे समिति की चेंबूर रिपोर्ट को खारिज कर दिया और चेंबूर हादसे की दोबारा जांच करने के लिए बीएमसी प्रशासन को निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि इस रिपोर्ट से वह सहमत नहीं है और इसकी पुनः जांच होनी चाहिए। मेयर ने कहा कि बार बार पत्राचार, करने के बाद भी प्रशासन ने गलत रिपोर्ट पेश की है। बीएमसी अधिकारियों को निर्दोष छोड़ दिया गया है।

पहली बारिश में ही स्कूल बस पर पेड़ गिरने से 11 वर्षीय विहान श्रीवास्तव की मौत हो गई लेकिन प्रशासन को फर्क नही पड़ा। मानसून आने से पहले कड़ी धूप और पिछले दिनों हुए भारी बारिश में सभी नसगरसेवक रास्ते पर उतर कर नाले सफाई की समीक्षा की।

तावड़े ने कहा कि इस रिपोर्ट को अमान्य घोषित किया जाता है। बता दें कि रिपोर्ट आने के बाद महापौर रितु तावड़े ने पहले ही अपनी नाराजगी व्यक्त की और रिपोर्ट को मानने से इंकार कर दिया। सभागृह नेता गणेश खणकर ने प्रशासन से सवाल पूछा कि आखिर क्यों अधिकारियों को बचाया गया? ठेकेदार और सलाहकार पर जुर्माना लगाकर बीएमसी ने अपना पल्ला झाड़ लिया।

विहान के माता-पिता ने भी रिपोर्ट को किया अमान्य

चेंबूर में स्कूल बस पर पेड़ गिरने से 11 वर्षीय छात्र विहान श्रीवास्तव की मौत के मामले में उसके माता-पिता ने बीएमसी की जांच रिपोर्ट को पूरी तरह खारिज कर दिया है। परिजनों का कहना है कि यह कोई प्राकृतिक आपदा नहीं थी, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम था।

उन्होंने आरोप लगाया कि रिपोर्ट में वास्तविक जिम्मेदार अधिकारियों को बचाने का प्रयास किया गया है और दोष तय नहीं किया गया। 30 जून को चेंबूर में भारी बारिश के दौरान एक विशाल पीपल का पेड़ स्कूल बस पर गिर गया था। इस दर्दनाक हादसे में 11 वर्षीय विहान श्रीवास्तव की मौत हो गई थी, जबकि अन्य बच्चे घायल हुए थे। घटना के बाद बीएमसी ने जांच समिति गठित की थी और तीन अधिकारियों को निलंबित भी किया था।

कौन से गिरेंगे यह कहना है मुश्किल

महापौर के निर्देश के बाद अतिरिक्त आयुक्त अविनाश ढाकने ने कहा कि हमारे विभाग में बहुत एक्सपार्ट इंजीनियर है। कभी-कभी पेड़ बाहर से हरा भरा दिखता है लेकिन अंदर से खोखला होता है। खास कर फंगल इंफेक्शन के कारण।

कौन से पेड़ कब गिरेगा यह कहना मुश्किल है। चेंबूर का पीपल पेड़ 60 से 70 साल पुराना था। झाड़ गिरने के पीछे कोई एक कारण नहीं है। समिति की रिपोर्ट में जो निर्देश दिया गया है उसे फॉलो किया जाएगा।

सड़क और उद्यान विभाग को दी गई है क्लीन चिट

मुंबई बीएमसी की जांच रिपोर्ट में सड़क और उद्यान विभाग को क्लीन चिट देते हुए केवल तूफानी जल निकासी परियोजना से जुड़े ठेकेदार और सलाहकार पर कुल 7 लाख रुपये का जुर्माना लगाने की सिफारिश की गई है। रिपोर्ट में पेड़ की जड़ों को हुए नुकसान और अंदरूनी सड़न को हादसे का प्रमुख कारण बताया गया है।

हालांकि, विहान के माता-पिता का कहना है कि इतनी बड़ी त्रासदी के लिए केवल जुर्माना पर्याप्त नहीं है। उनका कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों के - खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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