चेंबूर पेड़ हादसा (सोर्स: सोशल मीडिया) 
मुंबई

Chembur Tree Collapse: चेंबूर हादसे के बाद BMC का बड़ा फैसला: पेड़ों की सुरक्षा के लिए ठेकेदार होंगे जवाबदेह

Chembur Tree Collapse: चेंबूर में पेड़ गिरने से बच्चे की मौत के बाद बीएमसी की जांच रिपोर्ट तैयार। बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में पेड़ों की जड़ों की सुरक्षा के लिए ठेकेदारों पर कसेगा शिकंजा।

रूपम सिंह

Chembur Tree Collapse BMC Ashwini Bhide: चेंबूर में पेड़ गिरने की घटना में 11 वर्षीय बच्चे विहान श्रीवास्तव की मौत के बाद बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े की तरफ से नियुक्त कमिटी ने शहर के पेड़ों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए व्यापक सुधारों का प्रस्ताव दिया है। समिति ने सिफारिश की है कि बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से प्रभावित पेड़ों की सुरक्षा की जिम्मेदारी ठेकेदारों और संबंधित बीएमसी विभागों पर तय की जाए।

इस 50 पन्नों की रिपोर्ट में कमिटी ने सुझाव दिया है कि भविष्य में निकाले जाने वाले सभी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के टेंडरों में ऐसे प्रावधान शामिल किए जाएं, जिनके तहत परियोजना के पूरे क्रियान्वयन के दौरान ठेकेदार और कार्यान्वयन करने वाले विभाग पेड़ों, विशेषकर उनकी जड़ों के संरक्षण और रखरखाव के लिए जवाबदेह होंगे।

बीएमसी अधिकारी ने बताया कि कई निर्माण कार्य के दौरान अक्सर पेड़ों की जड़ों को नुकसान पहुंचता है, जिससे उनके गिरने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए कमिटी ने सिफारिश की है कि किसी भी परियोजना के दायरे में आने वाले पेड़ों की जड़ों की सुरक्षा और रखरखाव की जिम्मेदारी ठेकेदार और संबंधित विभाग दोनों पर डालने के लिए टेंडर में विशेष शर्तें शामिल की जाए।

पेड़ों का वैज्ञानिक सर्वे

सूत्रों के अनुसार, समिति ने यह भी प्रस्ताव दिया है कि सड़क निर्माण और भूमिगत उपयोगिता सेवाओं (यूटिलिटी) से संबंधित कार्य शुरू करने से पहले पेड़ों की जड़ों पर पड़ने वाले प्रभाव का वैज्ञानिक आकलन अनिवार्य किया जाए। इसके अलावा, समिति ने आर्बोरिस्ट (वृक्ष विशेषज्ञ) और ट्री सर्जनों का पैनल बनाने की सिफारिश की है, जो उन बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की निगरानी करेंगे, जिनका असर पेड़ों पर पड़ सकता है।

तेज बारिश के कारण पेड़ अचानक धराशायी हो गया

शुरुआती निष्कर्षों में समिति ने माना है कि पेड़ की जड़ को किसी यूटिलिटी परियोजना के दौरान नुकसान पहुंचा था, जिसके कारण तेज बारिश और तेज हवाओं के बीच पेड़ अचानक धराशायी हो गया। हालांकि रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि जड़ को यह क्षति कब और किस समय पहुंची थी।

फिलहाल यह 50 पन्नों की रिपोर्ट बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े के पास विचाराधीन है। गुरुवार देर रात समिति के सदस्यों ने रिपोर्ट अतिरिक्त मनपा आयुक्त अविनाश ढाकने को सौपी, जिसके बाद शुक्रवार सुबह इसे बीएमसी आयुक्त के पास भेज दिया गया।

जांच के दौरान पता चला संबंधित पेड़ लगभग 70 वर्ष पुराना था

बीएमसी आयुक्त ने उपायुक्त पुरुषोत्तम मालवदे और उप नगर आयुक्त शशांक भोरे को जांच की जिम्मेदारी सौंपी थी। दोनों अधिकारियों को सात दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था। समिति ने निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी 50 पृष्ठों की रिपोर्ट तैयार कर गुरुवार को अतिरिक्त मनपा आयुक्त को सौंप दी।

रिपोर्ट में पेड़ की आयु उसकी संरचना, जड़ों की स्थिति और हादसे से जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं का विस्तार से उल्लेख किया गया है। जांच के दौरान यह सामने आया कि संबंधित पेड़ लगभग 70 वर्ष पुराना था।

जांच रिपोर्ट अब बीएमसी आयुक्त के पास

बीएमसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर बताया कि जांच के दौरान पेड़ के आसपास हुए कंक्रीटीकरण के प्रभाव का भी अध्ययन किया गया। हालांकि उपलब्ध तथ्यों और तकनीकी जांच के आधार पर यह स्थापित नहीं हो सका कि पेड़ केवल कंक्रीटीकरण की वजह से गिरा था। इसलिए रिपोर्ट में कंक्रीटीकरण को हादसे का प्रत्यक्ष कारण नहीं माना गया है। अतिरिक्त मनपा आयुक्त अविनाश ढाकने ने कहा कि जांच रिपोर्ट अब बीएमसी आयुक्त के पास है।

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