चेंबूर स्कूल बस हादसा, रितू तावड़े (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया) 
मुंबई

चेंबूर स्कूल बस हादसा: जांच रिपोर्ट पर भड़कीं महापौर, अधिकारियों को क्लीन चिट पर उठाए सवाल; SIT जांच की मांग

Chembur Bus Accident: चेंबूर में स्कूल बस पर पेड़ गिरने से छात्र की मौत के मामले में मालवदे समिति की रिपोर्ट का महापौर रितू तावड़े ने कड़ा विरोध किया। अधिकारियों को बचाने का आरोप, दोबारा जांच की मांग।

रूपम सिंह

Chembur Bus Accident Mayor Ritu Tawde: चेंबूर में स्कूल बस पर पेड़ गिरने से एक मासूम छात्र की दर्दनाक मौत के मामले में अब प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल खड़े हो गए हैं। इस मामले की जांच के लिए गठित मालवदे समिति की रिपोर्ट विवादों में आ गई है। स्वयं महापौर रितू तावड़े ने इस रिपोर्ट पर कड़ा विरोध जताया है। समिति ने केवल ठेकेदार पर 5 लाख रुपये और परियोजना सलाहकार पर 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाते हुए सड़क और उद्यान विभाग के प्रमुख जिम्मेदार अधिकारियों को सीधे तौर पर क्लीन चिट दे दी है।

महापौर ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि एक मासूम बच्चे की जान चली गई। और ऐसे गंभीर मामले को महज 7 लाख रुपये के जुर्माने तक सीमित कर देना अत्यंत असंवेदनशील है और उन्हें यह रिपोर्ट किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं है। उन्होंने दोषी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर मामले की दोबारा शीघ्र जांच कराने की मांग की है।

दुर्घटना के पीछे प्रशासन की लापरवाही

महापौर का कहना है कि इस दुर्घटना के पीछे प्रशासन की स्पष्ट लापरवाही सामने आई है। महापौर ने स्वयं मानसून पूर्व निरीक्षण के दौरान संबंधित सड़क का दौरा किया था। उन्होंने अधिकारियों के ध्यान में लाया था कि सड़कों के कंक्रीटीकरण के कारण पेड़ों के तनों के चारों ओर सीमेंट की मोटी परत बन गई है, जिससे जड़ों तक हवा और पानी नहीं पहुंच पा रहा है।

एक मां के नाते इस रिपोर्ट को खारिज करती हूं

उन्होंने चेतावनी दी थी कि इससे भविष्य में गंभीर दुर्घटना हो सकती है। इस निरीक्षण के वीडियो साक्ष्य भी उपलब्ध हैं। इसके बावजूद प्रशासन ने इस चेतावनी को नजरअंदाज किया और पहली ही बारिश में यह दुखद हादसा हो गया। आईआईटी की तकनीकी रिपोर्ट में भी स्पष्ट किया गया है कि कंक्रीटीकरण के कारण पेड़ों की जड़ों को नुकसान पहुंचा है।

मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री ने विकास कार्यों के साथ पर्यावरण संरक्षण के स्पष्ट निर्देश दिए थे, लेकिन अधिकारियों ने उनकी भी अनदेखी की। महापौर रितू तावड़े ने कहा, मैं सिर्फ महापौर के रूप में नहीं, बल्कि एक मां के नाते इस रिपोर्ट को खारिज करती हू।

अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो

ठेकेदार के साथ-साथ संबंधित साइट इंजीनियर तथा सड़क और उद्यान विभाग के अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जहां अधिकारियों की कोई गलती नहीं होगी, वहां वह उनके साथ खड़ी रहेंगी, लेकिन स्पष्ट निर्देशों के बावजूद लापरवाही बरतने वालों को किसी भी परिस्थिति में संरक्षण नहीं दिया जाएगा।

वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जल्द होगी बैठक

महापौर ने बताया कि रिपोर्ट का विस्तृत अध्ययन कर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जल्द ही बैठक की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर घटनास्थल का दोबारा निरीक्षण कर नई जांच के आदेश भी दिए जाएंगे। अब पूरे मुंबई की नजर इस बात पर है कि प्रशासन दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करेगा या फिर ठेकेदार पर लगाए गए जुर्माने की आड़ में वास्तविक जिम्मेदारों को बचाने की कोशिश करेगा।

यूबीटी नगरसेवक ने SIT से जांच कराने की मांग की

उद्धव सेना नगरसेवक सचिन पडवल ने आयुक्त अश्विनी भिड़े को पत्र लिखकर समिति की रिपोर्ट को खारिज करने और पूरे मामले की स्वतंत्र एजेंसी अथवा विशेष जांच दल से जांच कराने की मांग की है। जांच समिति ने उद्यान विभाग और सड़क विभाग के अधिकारियों को क्लीन चिट देते हुए केवल संबंधित ठेकेदार पर 5 लाख रुपये तथा तकनीकी पर्यवेक्षक पर 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाने की सिफारिश की है।

पडवल का आरोप है कि इस रिपोर्ट से दुर्घटना के वास्तविक जिम्मेदारों की जवाबदेही तय नहीं होती। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जांच समिति में शामिल एक वरिष्ठ अधिकारी पहले उसी विभाग में पदस्थ थे, जिसका इस दुर्घटना से संबंध है। ऐसे में समिति की निष्पक्षता पर संदेह पैदा होता है। नगरसेवक ने आयुक्त से आग्रह किया है कि मौजूदा जांच रिपोर्ट को निरस्त कर स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि मृतक छात्र के परिवार को न्याय मिल सके।

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