चरणसेवा अभियान (सोर्स: AI) 
मुंबई

मुंबई: चरणसेवा ने लाखों वारकरियों के स्वास्थ्य की संभाली जिम्मेदारी, 4.96 लाख से अधिक श्रद्धालुओं को मिला लाभ

Charanseva Campaign: आषाढ़ी वारी के दौरान 'चरणसेवा' अभियान से 14 जिलों में 4.96 लाख से अधिक वारकरियों को स्वास्थ्य जांच, फिजियोथेरेपी, दवाइयां और प्राथमिक उपचार की सुविधा मिली।

आलोक उमाकृष्ण

Charanseva Campaign Benefits: पिछले पंद्रह दिनों से संचालित 'चरणसेवा' अभियान का समापन शुक्रवार को होगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की संकल्पना के तहत मुख्यमंत्री सहायता निधि व धर्मार्थ अस्पताल सहायता कक्ष द्वारा जनसहभागिता से इस अभियान का संचालन किया गया। इस वर्ष आषाढ़ी वारी के दौरान राज्य के 14 जिलों में 4 लाख 96 हजार से अधिक वारकरियों ने प्रत्यक्ष रूप से चरणसेवा व स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्राप्त किया।

आषाढ़ी वारी के दौरान वारकरियों को होने वाली शारीरिक थकान, मांसपेशियों में दर्द, पैरों में छाले, अत्यधिक श्रम और वर्षा ऋतु में संक्रामक रोगों के बढ़ते खतरे को ध्यान में रखते हुए यह अभियान चलाया गया। पिछले वर्ष सात जिलों में शुरू किए गए इस अभियान का इस बार विस्तार करते हुए इसे दिंडी मार्ग के 14 जिलों तक पहुंचाया गया।

इन 14 जिलों में चला अभियान

सातारा, पुणे, सोलापुर, नासिक, बुलढाणा, अकोला, जालना, बीड, नांदेड़, छत्रपति संभाजीनगर, वाशिम, सांगली, अमरावती और अहिल्यानगर जिलों के 140 विश्राम स्थलों पर सेवा केंद्र स्थापित किए गए। इन केंद्रों के माध्यम से वारकरियों को चरणसेवा, निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, फिजियोथेरेपी, प्राथमिक उपचार, आवश्यक दवाइयों का वितरण, एंबुलेंस सुविधा तथा आवश्यकता पड़ने पर आगे के उपचार की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई।

3 हजार लीटर आयुर्वेदिक औषधीय तेल का उपयोग

इस अभियान में 164 स्वास्थ्य संस्थाओं ने भाग लिया। 7,538 स्वयंसेवकों के साथ 11,331 डॉक्टरों, मेडिकल प्रशिक्षु विद्यार्थियों और स्वास्थ्यकर्मियों ने सेवा कार्य में योगदान दिया। अभियान के लिए 10 हजार टी-शर्ट तथा 3 हजार लीटर आयुर्वेदिक औषधीय तेल का उपयोग चरणसेवा में किया गया। इसके अलावा 8 जनजागरण रथों के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया। जनसहभागिता से संचालित इस अभियान के माध्यम से 4 लाख 96 हजार से अधिक वारकरियों को प्रत्यक्ष रूप से चरणसेवा और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।

अंगदान के बारे में किया गया जागरूक

उपचार के साथ-साथ स्वास्थ्य जागरूकता पर भी विशेष जोर दिया गया। स्वास्थ्य जागरूकता रथों के माध्यम से स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, संक्रामक रोगों से बचाव, रक्तदान, अंगदान, स्वस्थ जीवनशैली तथा केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी वारकरियों तक पहुंचाई गई।

जनसहभागिता सबसे बड़ी ताकत

मुख्यमंत्री सहायता निधि व धर्मार्थ अस्पताल सहायता कक्ष के कक्ष प्रमुख रामेश्वर नाईक ने कहा कि राज्य के 14 जिलों में 4 लाख 96 हजार से अधिक वारकरियों तक 'चरणसेवा' पहुंचा पाने की खुशी है। इस अभियान की सफलता के पीछे जनसहभागिता सबसे बड़ी ताकत रही। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की संकल्पना को विभिन्न स्वास्थ्य संस्थाओं, दानदाताओं, डॉक्टरों, मेडिकल प्रशिक्षु विद्यार्थियों, स्वास्थ्यकर्मियों और हजारों स्वयंसेवकों के अमूल्य सहयोग से सफलतापूर्वक साकार किया जा सका।

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