Rohit Pawar CET Percentile Scam In Maharashtra: एमएच-सीईटी में कथित पसेंटाइल घोटाले और डेटा लीक को लेकर राकांपा (शरद गुट) के विधायक रोहित पवार ने सरकार के सामने चार प्रमुख मांगें रखी हैं।
उन्होंने मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराने, डेटा लीक को लेकर तत्काल FIR दर्ज करने, तीन कथित रूप से आपस में जुड़ी कंपनियों को ब्लैकलिस्ट करने और CET परीक्षा को ऑनलाइन के बजाय फिर से ऑफलाइन कराने की मांग की है।
रोहित पवार ने मुख्यमंत्री की ओर से मामले को लेकर बुलाई गई बैठक से पहले सरकार से इन मांगों पर ठोस निर्णय लेने की अपील की है। उनका कहना है कि CET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा की पारदर्शिता को लेकर विद्यार्थियों और अभिभावकों का भरोसा कायम रहना जरूरी है।
रोहित पवार ने कथित CET पसेंटाइल घोटाले की तत्काल उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच के जरिए पूरे मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए और यदि किसी की जिम्मेदारी तय होती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने CET के कथित डेटा लीक मामले में भी तत्काल FIR दर्ज करने की मांग की है। रोहित पवार के अनुसार, डेटा लीक के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
रोहित पवार ने एजूस्पार्क, स्किलट्री और इंडस नामक तीन कंपनियों के कथित आपसी संबंधों का मुद्दा भी उठाया है। उनका दावा है कि इन कंपनियों के आपस में जुड़े होने के सबूत CET सेल को दिए जा चुके हैं।
उन्होंने कथित टेंडर गठजोड़ की जांच करने के साथ इन कंपनियों को ब्लैकलिस्ट करने की मांग की है। साथ ही 2021 से इन कंपनियों को दिए गए कार्यों की जांच कर संबंधित राशि की वसूली करने की मांग भी रखी है।
रोहित पवार ने तकनीकी गड़बड़ियों और कथित अनियमितताओं का हवाला देते हुए एमएच-सीईटी को ऑनलाइन के बजाय पहले की तरह ऑफलाइन कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार को इन मांगों पर सकारात्मक चर्चा कर ठोस निर्णय लेना चाहिए।
उनके मुताबिक, ऐसा नहीं हुआ तो विद्यार्थियों और अभिभावकों का CET सेल से भरोसा पूरी तरह खत्म हो सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि शिक्षक प्रतिनिधि बैठक में विद्यार्थियों का पक्ष मजबूती से रखेंगे और मुख्यमंत्री इस मामले में उचित फैसला लेंगे।