

CM Mahafed Yojana Nagpur: नौकरी की कतार में खड़े विदर्भ के युवाओं के लिए अब खुद 'मालिक' बनने का वक्त आ गया है। महायुति सरकार की महत्वाकांक्षी 'सीएम महाफेड योजना' अब क्रियान्वित होने जा रही है। कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता व नवाचार विभाग द्वारा योजना को लागू करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर इसके लिए प्रक्रिया तेज हो गई है। योजना को लागू करने के लिए काम शुरू कर दिया गया है।
परियोजना के पहले 'पायलट चरण' में राज्य के 12 जिलों को ही शामिल किया गया है। इसमें नागपुर और गड़चिरोली समेत विदर्भ के 4 जिलों को प्राथमिकता दी गई है। इस पहले चरण में विदर्भ के युवाओं, महिलाओं और नए स्टार्टअप्स को 5 से 10 लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता, मेंटरशिप और बैंक लोन की हैंडहोल्डिंग मिलना शुरू हो जाएगी।
4 साल के इस मेगा प्रोजेक्ट में आईटीआई, पॉलिटेक्निक और कृषि संस्थानों को 'स्टार्टअप हब' बनाकर ग्रामीण महिलाओं से लेकर हाईटेक इनोवेटर्स तक को सीधे बिजनेस लीडर बनाने की तैयारी की गई है। इसके तहत सीधे गावं-शहर के युवाओं, महिला बचत समूहों और टेक-स्टार्टअप्स को तराशकर 25,000 नए 'बिजनेस बॉस' तैयार किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री महाफंड योजना का मुख्य कार्य राज्य में स्वरोजगार, स्टार्टअप्स और इनोवेशन का एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार करना है। नए उद्यमियों और इनोवेटर्स की पहचान व स्काउटिंग, राज्यभर के युवाओं, ग्रामीण महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों, कारीगरों और नए स्टार्टअप इनोवेटर्स की पहचान करना, आईटीआई, पॉलिटेक्निक कॉलेजों, इंजीनियरिंग और कृषि कॉलेजों के माध्यम से आवेदकों की पारदर्शी व डिजिटल स्क्रूटनी करना, बिजनेस ट्रेनिंग और डीपीआर तैयार किया जाएगा।
चुने गए युवाओं को व्यावसायिक और तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा, युवाओं के बिजनेस आइडिया को बैंक द्वारा स्वीकृत होने योग्य और व्यावहारिक बिजनेस मॉडल में बदला जाएगा, वित्तीय सहायता व बैंक लोन सुविधा, नए उद्यमियों को बैंक ऋष्ण, सरकारी योजनाओं और क्रेडिट सपोर्ट से जोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री महाफंड योजना का मुख्य कार्य राज्य में स्वरोजगार के लिए 5 लाख से 10 लाख तक की वित्तीय सहायता और फंडिंग प्रक्रिया को सुलभ बनाया जाएगा। स्टार्टअप्स और नए व्यवसायियों को क्षेत्र के विशेषज्ञों से मार्गदर्शन मिलेगा, तकनीकी टेस्टिंग, बिजनेस अपग्रेडेशन और इंक्यूबेशन सेंटरों की सहायता प्रदान की जाएगी, मार्केट लिंक और बिजनेस को स्थिरता दिलाई जाएगी, तैयार उत्पादों और सेवाओं को स्थानीय, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने के लिए मार्केट एक्सेस प्रदान किया जाएगा, शुरुआती चरण के बाद भी व्यवसाय के सुचारू संचालन के लिए निरंतर मार्गदर्शन व अनुपालन सहायता मिलेगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार योजना को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए नागपुर और विदर्भ के सरकारी आईटीआई, पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग कॉलेजों, कृषि संस्थानों और इंक्यूबेशन सेंटरों को सीधे इस नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इन्हीं संस्थानों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर आवेदकों की स्क्रूटनी, मार्गदर्शन और सहायता की जाएगी।
मुख्यमंत्री महाकंड योजना को 2 प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है, ताकि हर वर्ग की उसकी आवश्यकता के अनुसार सहायता मिल सके।
'ए' श्रेणी के तहत ग्रामीण युवाओं, महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों, कारीगरों और पहली बार अपना छोटा व्यवसाय शुरू करने वाले लोगों को ट्रेनिंग, मेटरशिप और वित्तीय मदद दी जाएगी।
'बी' श्रेणी में नए आइडिया, टेक-स्टार्टअप्स और तकनीकी नवाचार पर काम करने वाले युवाओं को इंक्यूबेशन, फंडिंग और मार्केट लिंकेज प्रदान किया जाएगा।