Central Railway Monsoon Preparedness Mumbai Local: मुंबई और उपनगरों की लाइफलाइन मानी जाने वाली लोकल भारी बरसात में भी नहीं रुकेगी। मध्य रेल ने मानसून के लिए अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। बारिश में सुरक्षित, निर्बाध और समयबद्ध रेल सेवा देने के लिए जलभराव रोकने, घाट खंडों को मजबूत करने और तकनीकी निगरानी पर फोकस किया गया है।
मुंबई मंडल में ऐसे 117 स्थान चिन्हित किए गए हैं जहां भारी बारिश में पानी पटरियों स्तर से ऊपर आ जाता है। इन जगहों पर 12.5 एचपी से 100 एचपी तक की क्षमता वाले कुल 210 हैवी-ड्यूटी पंप लगाए जा रहे हैं। वडाला, कुर्ला, सायन, चुनाभट्टी, मस्जिद और ठाणे-दिवा खंड जैसे इलाकों में 24x7 मॉनिटरिंग टीमें तैनात रहेंगी। नालियों, पुलियों और रेलवे पुलों के जलमार्गों की सफाई का काम भी लगभग पूरा हो चुका है ताकि बारिश का पानी बिना रुकावट निकल सके। ठाणे में 5.50 करोड़ रुपया खर्च कर मायक्रोटनलिंग की गई।
मध्य रेल के सीपीआरओ डॉ. स्वप्निल नीला के अनुसार 18 प्रमुख बाढ़ संभावित स्थानों पर अस्थायी और स्थायी दोनों तरह के समाधान किए हैं। इसमें ट्रैक की ऊंचाई बढ़ाना, अतिरिक्त पुलिया बनाना, आरसी बॉक्स का विस्तार और साइड ड्रेन को चौड़ा करना शामिल है। पिछले साल जिन जगहों पर पानी भरने से लोकल सेवा प्रभावित हुई थी, वहां इस बार विशेष ध्यान दिया गया है।
मानसून में सबसे ज्यादा चुनौती कसारा-इगतपुरी और लोनावला-खंडाला घाट खंड में रहती है। यहां बोल्डर गिरने और भूस्खलन रोकने के लिए रॉक-बोल्टिंग, रॉक-नेटिंग और शॉटक्रेटिंग का काम पूरा कर लिया गया है। सभी कैच-वाटर ड्रेन की सफाई हो चुकी है और टनल पोर्टल पर अतिरिक्त सेफ्टी बैरियर लगाए गए हैं। मानसून के दौरान इन खंडों में विशेष पेट्रोलिंग दल, रेल-माउंटेड वाटर टैंकर और क्विक रिस्पॉन्स टीम हर समय तैयार रहेंगी।
मुंबई मंडल के कंट्रोल ऑफिस में 24x7 मानसून कंट्रोल रूम शुरू कर दिया गया है। मौसम विभाग से रियल-टाइम डेटा लेकर ट्रेन संचालन की योजना बनेगी। ड्रोन और वाटर-लेवल सेंसर के जरिए संवेदनशील स्थानों की लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी। ट्रैकमैन, इंजीनियर और सेफ्टी स्टाफ को मानसून ड्यूटी की विशेष ट्रेनिंग दी गई है। मध्य रेल के महाप्रबंधक ने कहा, 'यात्रियों की सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। सभी विभाग आपसी समन्वय से काम कर रहे हैं ताकि बारिश में न्यूनतम व्यवधान के साथ सेवाएं चलती रहें।'
उन्होंने यात्रियों से अपील की कि अनधिकृत रेलवे क्रॉसिंग न करें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। मध्य रेल का दावा है कि अग्रिम योजना और आधुनिक तकनीक की मदद से मानसून 2026 में भी लाखों दैनिक यात्रियों को सुरक्षित और भरोसेमंद सेवा मिलती रहेगी।