संजय राउत का आरोप; राम मंदिर को दान की गई 4 Kg चांदी की ईंट का अभी तक नहीं मिला हिसाब

Ram Mandir Donation Dispute: राम मंदिर दान मामले में FIR के बाद शिवसेना (यूबीटी) ने 4 किलो चांदी की दान की गयी ईंट का हिसाब मांगा। कांग्रेस ने भी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
Ram Mandir Donation Dispute UBT Congress Demand Probe
चांदी की ईंट का हिसाब (फोटो क्रेडिट-X)
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Ram Mandir Donation Dispute UBT Demand Probe: अयोध्या के राम मंदिर में दान राशि और कीमती सामान में कथित गड़बड़ी का मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है। दान में कथित अनियमितताओं पर एफआईआर दर्ज होने के बाद महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट ने दावा किया है कि राम मंदिर निर्माण के लिए दान की गई उनकी 4 किलो चांदी की ईंट का भी कोई हिसाब नहीं मिला है। वहीं, कांग्रेस ने भी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

शिवसेना यूबीटी के सांसद संजय राउत ने कहा कि उद्धव ठाकरे ने हजारों शिवसैनिकों और संतों की मौजूदगी में राम मंदिर निर्माण के लिए 1 करोड़ रुपए का चेक और 4 किलो चांदी की पवित्र ईंट दान की थी। उनका आरोप है कि आज तक ट्रस्ट की ओर से इसकी रसीद नहीं दी गई और न ही यह बताया गया कि चांदी की ईंट कहां है। उन्होंने कहा कि अब पूरे मामले की गहन जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

कांग्रेस ने निष्पक्ष जांच की मांग की

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा, 'बीजेपी और आरएसएस के खास लोगों ने सीधे भगवान राम को ही लूट लिया है। राम मंदिर में श्रद्धालुओं की दान-राशि और सोने-चांदी की ईंटों का पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाना चाहिए। मुख्य आरोपियों को बचाकर केवल कर्मचारियों पर कार्रवाई करना उचित नहीं है। इस मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यदि सरकार में नैतिकता बची है तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।'

दान में कथित गड़बड़ी पर कार्रवाई

राम मंदिर में दान राशि और कीमती वस्तुओं में कथित अनियमितताओं के मामले में जांच एजेंसियों ने कार्रवाई तेज कर दी है। विशेष जांच दल की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर राम जन्मभूमि थाने में आठ लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले में सात आरोपियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है, जबकि एक मुख्य आरोपी को कथित गबन की गई राशि की बरामदगी के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है।

जांच एजेंसियां अब वित्तीय लेन-देन, दान में मिली नकदी और बहुमूल्य वस्तुओं के रिकॉर्ड की भी गहन जांच कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका से भी इनकार नहीं किया जा सकता और जांच के आधार पर आगे और कार्रवाई की संभावना बनी हुई है।

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