Anil Ambani Case News: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी समूह (एडीएजी) से जुड़े एक बड़े वित्तीय धोखाधड़ी मामले में, मुंबई में सीबीआई मामलों के विशेष न्यायाधीश के समक्ष अपनी पहली चार्जशीट दाखिल कर दी है।
यह कार्रवाई अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले समूह के खिलाफ दर्ज कई एफआईआर में से एक (आरसी 074202540005) के संबंध में की गई है। इस पहली चार्जशीट में रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम), कंपनी के, 5 वरिष्ठ अधिकारियों और 10 बैंक अधिकारियों सहित कुल 16 आरोपियों को नामजद किया गया है।
सीबीआई के अनुसार, यह आरोपपत्र मुख्य रूप से आरकॉम को स्वीकृत की गई, 2,000 करोड़ से अधिक की ऋण और क्रेडिट सुविधाओं के कथित गबन और दुरुपयोग से जुड़ा है। इसमें सार्वजनिक क्षेत्र के विभिन्न बैंकों द्वारा दी गई निम्नलिखित राशियां शामिल हैं। जिसमें भारतीय स्टेट बैंक 1,200 करोड़ का सावधि ऋण, बैंक ऑफ महाराष्ट्र 500 करोड़ की लेटर ऑफ क्रेडिट सुविधा और पूर्व सिंडिकेट बैंक 350 करोड़ की लेटर ऑफ क्रेडिट सुविधा शामिल है।
एजेंसी का आरोप है कि इन स्वीकृत पैसों का इस्तेमाल, तय नियमों के विरुद्ध जाकर किया गया और सार्वजनिक धन की हेराफेरी की गई। इस मामले में नामजद 10 बैंक अधिकारियों में एसबीआई, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और पूर्व सिंडिकेट बैंक के तत्कालीन अफसर शामिल है।
ये भी पढ़ें :- Maharashtra Child Marriage: बाल विवाह को लेकर महाराष्ट्र सरकार का कड़ा रुख, अदिति तटकरे ने सेट किया टारगेट
सीबीआई ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गंभीर आपराधिक मामले दर्ज किए है। इनमें आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक गबन और लोक सेवकों द्वारा किया गया आपराधिक कदाचार शामिल है, मामले की शुरुआत एसबीआई की उस शिकायत के बाद हुई थी। जिसमे आरकॉम और अनिल अंबानी पर बैंक को 2,929.05 करोड़ का नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया।