केंद्रीय जांच ब्यूरो (सोर्स: सोशल मीडिया)
मुंबई

मुंबई: फ्यूचर रिटेल पर CBI का शिकंजा, ₹904.32 करोड़ के बैंक घोटाले में केस दर्ज; किशोर बियानी समेत कई आरोपी

Future Retail Bank Fraud Case: CBI ने फ्यूचर रिटेल लिमिटेड के खिलाफ 904.32 करोड़ रुपये के कथित बैंक घोटाले में केस दर्ज किया है। किशोर बियानी समेत कई प्रमोटर्स के ठिकानों पर छापेमारी हुई।

आलोक उमाकृष्ण

Highlights

  • SBI की मुंबई स्थित स्ट्रेस्ड एसेट्स मैनेजमेंट ब्रांच-III की शिकायत पर केस दर्ज।

  • किशोर बियानी, राकेश बियानी समेत कई प्रमोटर्स और निदेशक आरोपी बनाए गए।

  • SBI सहित 10 बैंकों के कंसोर्टियम से ऋण सुविधाएं लेने का आरोप।

  • 4 नवंबर 2026 को केस दर्ज हुआ और 6 नवंबर को मुंबई में छापेमारी की गई।

Alleged 904 Crore Bank Fraud: देश की प्रमुख रिटेल कंपनियों में शामिल फ्यूचर रिटेल लिमिटेड (FRL) के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 904.32 करोड़ रुपये के कथित बैंक घोटाले में मामला दर्ज किया है। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की मुंबई स्थित स्ट्रेस्ड एसेट्स मैनेजमेंट ब्रांच-III की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है।

मामले में कंपनी के प्रमोटर किशोर बियानी, राकेश बियानी समेत अन्य प्रमोटर्स, प्रबंध निदेशकों, कार्यकारी निदेशकों और गारंटरों को आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा अज्ञात लोक सेवकों और अन्य लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।

CBI के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर आपराधिक साजिश रचकर SBI और नौ बैंकों के कंसोर्टियम से वर्किंग कैपिटल, टर्म लोन और लेटर ऑफ क्रेडिट (LC) के रूप में विभिन्न ऋण सुविधाएं हासिल की थीं। कंपनी को बिग बाजार, फैशन एट बिग बाजार और फूडहॉल जैसे रिटेल स्टोर के जरिए हाइपरमार्केट और सुपरमार्केट कारोबार के लिए जाना जाता था। इसके अलावा कंपनी FMCG और फैशन उत्पादों के कारोबार में भी सक्रिय थी।

बैंक से मिले फंड का दूसरे कामों में इस्तेमाल करने का आरोप

शिकायत के अनुसार, कंपनी ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की मुंबई स्थित फोर्ट कमर्शियल ब्रांच से भी क्रेडिट सुविधाएं ली थीं। आरोप है कि बैंक से जिस उद्देश्य के लिए रकम मंजूर की गई थी, उसका इस्तेमाल उसी काम के लिए नहीं किया गया। इसके बजाय कथित तौर पर फंड को सहयोगी कंपनियों और संबंधित संस्थाओं के माध्यम से दूसरी जगह ट्रांसफर कर दिया गया और रकम का दुरुपयोग किया गया। इससे शिकायतकर्ता बैंक को 904.32 करोड़ रुपये का कथित नुकसान हुआ।

मुंबई में कई ठिकानों पर छापेमारी

CBI ने 4 नवंबर 2026 को मामला दर्ज करने के बाद 6 नवंबर को मुंबई शहर में फ्यूचर रिटेल के प्रमोटर्स और निदेशकों से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान जांच से संबंधित कई महत्वपूर्ण और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए, जिन्हें जब्त कर लिया गया है।

सरकारी अधिकारियों की भूमिका की भी जांच

CBI अब पूरे मामले में कथित साजिश की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। जांच एजेंसी यह पता लगा रही है कि बैंक से लिए गए कर्ज की रकम का वास्तविक इस्तेमाल कहां और किस उद्देश्य से किया गया। साथ ही इस मामले में शामिल निजी व्यक्तियों के अलावा अज्ञात सरकारी अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। मामले की जांच जारी है।

- नवभारत लाइव के लिए मुंबई से अखिलेश तिवारी की रिपोर्ट

कभी कांग्रेस तो कभी BJP, सत्ता के साथ क्यों खड़े दिखते हैं बड़े उद्योगपति? समझें राजनीति और व्यापार का समीकरण

IIT खड़गपुर, BHU और दिल्ली की पहल, रोबोटिक्स, हेल्थ और शिक्षा में दिखेगा AI का जलवा, आत्मनिर्भर बनने की तैयारी

'मेरी मौत का जिम्मेदार सिस्टम और भू-माफिया', आखिर कौन थीं झारखंड की आदिवासी लीडर निशा भगत

OBC क्रीमी लेयर पर SC का फैसला, पुरानी भर्तियां-प्रमोशन सुरक्षित; CSE-2025 पर निर्देश

CJI सूर्यकांत पर पोस्ट से भड़का सुप्रीम कोर्ट, केरल कांग्रेस से पूछा- अवमानना की कार्रवाई क्यों न हो?