मुंबई में ब्रिक्स फ्रेंडशिप सिटीज कॉन्क्लेव 2026 को संबोधित करते डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे सोर्स: एक्स @mieknathshinde
मुंबई

मुंबई में BRICS सम्मेलन: डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे बोले- शहरीकरण समस्या नहीं अवसर, साझा करें तकनीक

Mumbai First Conclave: मुंबई में ब्रिक्स फ्रेंडशिप सिटीज कॉन्क्लेव 2026 में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने ब्रिक्स देशों से स्मार्ट सिटी और जलवायु चुनौतियों से निपटने के लिए आपसी सहयोग का आह्वान किया।

सूर्यप्रकाश मिश्र, आकाश मसने

Eknath Shinde Speech In BRICS Summit Mumbai: मुंबई में आयोजित 'ब्रिक्स फ्रेंडशिप सिटीज कॉन्क्लेव 2026' को संबोधित करते हुए महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा कि ब्रिक्स देशों को एक-दूसरे से उन्नत तकनीक, अनुभव, ज्ञान और जानकारी का आदान-प्रदान करना चाहिए। उन्होंने आपसी सहयोग पर बल देते हुए कहा कि मुंबई और एमएमआर में संसाधनों का विकास रिकॉर्ड गति से हो रहा है।

राज्यपाल जिष्णू देव वर्मा की प्रमुख उपस्थिति में वर्ली में इस दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन हुआ। इसका आयोजन 'मुंबई फर्स्ट' संस्था ने किया है। शिंदे ने कहा कि लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के माध्यम से 21वीं सदी के नागरिक केंद्रित शहरों के निर्माण के लिए ब्रिक्स देशों के शहरों को अपने अनुभव, तकनीक और नवाचार एक-दूसरे से साझा करने चाहिए।

शहरीकरण समस्या नहीं, अवसर

शिंदे ने कहा कि शहर केवल ईंट और सीमेंट की संरचनाएं नहीं हैं, बल्कि ये देश की आर्थिक प्रगति के 'ग्रोथ इंजन' हैं। इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अनुसार शहरीकरण को समस्या के रूप में नहीं, बल्कि एक बड़ी अवसर के रूप में देखना चाहिए। आज दुनिया के हर बड़े शहर के सामने तेज शहरीकरण, जलवायु परिवर्तन, बाढ़, हीटवेव, ट्रैफिक जाम, प्रदूषण, जल प्रबंधन और किफायती घर जैसी समान चुनौतियां हैं। इनके समाधान के लिए देशों की सीमाओं से परे जाकर आपसी सहयोग जरूरी है।

उन्होंने संत तुकाराम महाराज की उक्ति 'एकमेका साह्य करू, अवघे धरू सुपंथ' का जिक्र करते हुए ब्रिक्स देशों के शहरों से मिलकर विकास का मार्ग प्रशस्त करने का आह्वान किया।

नागरिकों का जीवनमान ही असली पैमाना

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि शहरों का विकास सिर्फ ऊंची इमारतों या खूबसूरत स्काईलाइन तक सीमित नहीं होना चाहिए। नागरिकों का आवागमन आसान हो, उन्हें सुरक्षित घर मिले, स्वच्छ हवा मिले, बच्चों के लिए बेहतर भविष्य की संभावनाएं बनें और आपदा के समय प्रशासन नागरिकों के साथ खड़ा रहे - यही सफल शहरी नियोजन के असली मापदंड हैं।

महाराष्ट्र के शहरों को मिल रही नई गति

मुंबई से नागपुर तक, पुणे से नासिक तक और ठाणे, छत्रपति संभाजीनगर सहित महाराष्ट्र के शहरों में मेट्रो, सड़कें, ड्रेनेज, पुनर्विकास, किफायती घर, डिजिटल सेवाएं, हरित बुनियादी ढांचा और आपदा प्रबंधन को गति दी जा रही है। मुंबई जैसे तटीय शहर के लिए समुद्र स्तर में वृद्धि और बाढ़ बड़ी चुनौती है। इसके लिए राज्य सरकार बाढ़ नियंत्रण, तटीय सुरक्षा, हरित क्षेत्र विस्तार और जल प्रबंधन पर काम कर रही है।

एकनाथ शिंदे ने कहा कि ब्रिक्स देशों के पास सार्वजनिक परिवहन, डिजिटल गवर्नेंस, आपदा प्रबंधन और हरित वित्त में बड़ा अनुभव है। AI आधारित ट्रैफिक मैनेजमेंट और डिजिटल ट्विन जैसी तकनीकों को एक मंच पर लाना भविष्य के शहरों के लिए अवसर है। अंत में शिंदे ने कहा कि महाराष्ट्र निवेश, उद्योग और नवाचार के लिए तैयार है। शहर सिर्फ प्रशासनिक सीमा नहीं, बल्कि नवाचार की प्रयोगशालाएं और सतत विकास की इंजन हैं।

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