बॉम्बे हाई कोर्ट ने अंतरिम आदेश देने से इनकार किया।
प्रदर्शनकारियों को अवैध हिरासत में लेने का आरोप।
मामले की अगली सुनवाई 19 अक्टूबर को होगी।
Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar Bombay High Court: मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले लोगों को पुलिस हिरासत में लिए जाने के मामले में मुंबई हाईकोर्ट ने मंगलवार को कोई अंतरिम आदेश जारी करने से इनकार कर दिया।
हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि पुलिस की किसी विशिष्ट गैरकानूनी कार्रवाई का मामला उसके सामने लाया जाता है, तो उस पर विचार किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 19 अक्टूबर को होगी।
वकील सागर देवरे की ओर से दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि मुंबई पुलिस ने 10 और 11 अक्टूबर को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले सैकड़ों लोगों को अवैध रूप से हिरासत में लिया था। याचिका के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोगों में महिलाएं, विद्यार्थी और बच्चों के साथ मौजूद लोग भी शामिल थे।
याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील मनीष तोमर ने अदालत से अनुरोध किया कि पुलिस को शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के दौरान लोगों को हिरासत में लेने से रोकने के लिए अंतरिम आदेश जारी किया जाए।
सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने अंतरिम आदेश देने की मांग स्वीकार नहीं की। अदालत ने कहा कि वह ऐसा सामान्य आदेश जारी नहीं कर सकती, जिसके तहत किसी भी व्यक्ति को हिरासत में लेने पर रोक लग जाए। हालांकि, किसी विशिष्ट मामले में पुलिस की गैरकानूनी कार्रवाई की जानकारी सामने आने पर अदालत उस पर विचार कर सकती है।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी भी गलत कार्रवाई को होने नहीं देगी। इस टिप्पणी के साथ उसने संबंधित शिकायतों पर मामले के तथ्यों के आधार पर विचार करने का संकेत दिया।
बॉम्बे हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सरकारी वकील मनीष उपाध्याय ने याचिका में लगाए गए आरोपों के संबंध में संबंधित अधिकारियों से जानकारी जुटाने के लिए समय मांगा। अदालत ने सरकारी पक्ष का अनुरोध स्वीकार कर लिया और सुनवाई 19 अक्टूबर तक स्थगित कर दी।
अगली सुनवाई में पुलिस की कार्रवाई से जुड़े आरोपों और सरकारी पक्ष से मिलने वाली जानकारी पर आगे विचार किया जा सकता है। फिलहाल, अदालत ने प्रदर्शनकारियों की हिरासत के मामले में कोई अंतरिम राहत नहीं दी है।