Mumbai BMC Footpath Enforcement: फुटपाथ के किनारे कारोबार करने वाले अधिकृत फेरीवालों द्वारा लाइसेंस में निर्धारित क्षेत्रफल से अधिक जगह घेरने पर अब बीएमसी सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े ने लाइसेंसिंग विभाग को सभी अधिकृत फेरीवालों के कब्जे वाले क्षेत्रफल की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
आयुक्त ने स्पष्ट किया कि अधिकृत फेरीवालों को केवल लाइसेंस में निर्धारित जगह पर ही कारोबार करने की अनुमति होगी। यदि जांच के दौरान किसी फेरीवाले द्वारा निर्धारित क्षेत्र से अधिक जगह का इस्तेमाल किया जाता पाया गया तो उसके खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
फुटपाथों को अतिक्रमण और अन्य बाधाओं से मुक्त कर पैदल यात्रियों के लिए सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से बीएमसी ‘पैदल यात्री प्रथम’ अभियान चला रही है। इसी अभियान के तहत आयुक्त अश्विनी भिड़े ने सोमवार को मुंबई शहर के कई इलाकों का तीन घंटे से अधिक समय तक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान नाना चौक, ग्रांट रोड रेलवे स्टेशन, ताड़देव, नायर अस्पताल परिसर, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मार्ग, लोकमान्य तिलक मार्ग, जगन्नाथ शंकरशेट मार्ग, धोबी तलाव, मरीन लाइंस, चंदनवाड़ी और क्रॉफर्ड मार्केट सहित कई क्षेत्रों में फुटपाथों की स्थिति देखी गई।
आयुक्त ने अधिकारियों को फुटपाथों से सभी तरह की बाधाएं हटाने और सुधार कार्यों में निरंतरता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फुटपाथों में किए जा रहे सुधार का असर आम लोगों को प्रत्यक्ष रूप से दिखाई देना चाहिए। पैदल यात्रियों की सुविधा और सुरक्षित आवाजाही को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।
फुटपाथों पर मौजूद पेड़ों को लेकर भी आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने पेड़ों की जड़ों को नुकसान से बचाने और शाखाओं की उचित छंटाई करने को कहा। असुरक्षित पेड़ों को नियमों के अनुसार वैज्ञानिक तरीके से हटाने के निर्देश भी दिए गए।
मुंबई बीएमसी का उद्देश्य फुटपाथों से अतिक्रमण और अनावश्यक बाधाओं को हटाकर उन्हें पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना है। इसके तहत अधिकृत फेरीवालों के लाइसेंस क्षेत्र की जांच के साथ फुटपाथों की स्थिति में सुधार पर भी लगातार निगरानी रखी जाएगी।