Rajeshri Shirwadkar Announcement: बीएमसी की स्टैंडिंग कमिटी (स्थायी समिति) व शिक्षा समिति के अध्यक्ष पर शुक्रवार को मुहर लग गई। इस दोनों समितियों के लिए बीजेपी के अध्यक्ष चुने गए हैं। स्टैंडिंग कमिटी के अध्यक्ष प्रभाकर शिंदे व शिक्षा समिति की अध्यक्ष राजेश्री शिरवडकर हैं। यह दोनों ही निर्विरोध चुने गए। क्योंकि विपक्ष की तरफ से उम्मीदवार मैदान में नहीं उतारा गया। इस घोषणा के बाद बीएमसी के मेयर रितु तावड़े ने सभी सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को स्वागत किया।
बीएमसी की नवनियुक्त शिक्षा समिति अध्यक्ष राजेश्री शिरवडकर ने वर्ष 2026-2027 के लिए शिक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी सुधारों का रोडमैप प्रस्तुत किया है। हाल ही में नई दिल्ली में एआई समिट का सफलतापूर्व क आयोजन किया, जहां एआई को लेकर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। इसी तर्ज पर बीएमसी के स्कूलों में भी एआई को अब बढ़ावा मिलेगा। ऐसी घोषणा राजेश्री शिरवडकर ने की है।
बीएमसी के प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षा के स्तर को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने के लिए प्रशासन ने कई महत्वाकांक्षी योजनाओं की घोषणा की है। छात्रों को आधुनिक युग की चुनौतियों के लिए तैयार करने के लिए प्रत्येक स्कूल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) लैब्स स्थापित करने पर विशेष बल दिया है। वर्चुअल ट्रेनिंग सेंटर, ई-लाइब्रेरी और डिजिटल क्लास रूम के लिए बजटीय प्रावधानों का पूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।
राजेश्री शिरवडकर ने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक सत्र के पहले ही दिन छात्रों को 27 आवश्यक वस्तुए प्रदान करने का नियोजन किया जाएगा, छात्राओं के स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए अब स्कूलों में पर्यावरण के अनुकूल और बायोडिग्रेडेबल सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराए जाएंगे, साथ ही, कक्षा 5वीं से 8वीं के छात्रों में पर्यावरण जागरूकता पैदा करने के लिए 'इको वॉरियर्स नामक नई पहल शुरू की जा रही है।
बीएमसी स्कूलों में गिरती छात्र संख्या को रोकने के लिए 'मुंबई पब्लिक स्कूल' (सीबीएसई, आईसीएससी आईची बोर्ड) की संख्या बढ़ाई जाएगी। उन्होंने 'वर्ग वहां शिक्षक के सिद्धांत को लागू करने की प्रतिबद्धता जताई है, ताकि कोई भी कक्षा शिक्षक के बिना न रहे। इसके अतिरिक्त, स्कूलों में अग्निशमन उपकरणों के नियमित रखरखाव और मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण बच्चों के लिए विशेष कौशल-आधारित शिक्षा पर भी जोर दिया गया है। इस नई कार्य योजना से बीएमसी स्कूलों में पढ़ रहे लगभग 27,615 छात्रों के भविष्य को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
राजेश्री शिरवडकर ने नागरिकों से एक सार्थक और सामाजिक रूप से उपयोगी पहल में सहभागिता की अपील की है। उन्होंने कहा कि उन्हें शुभकामनाएं देने के लिए हार, पुष्पगुच्छ या अन्य औपचारिक उपहार लाने के बजाय विद्यार्थियों के लिए उपयोगी शैक्षणिक सामग्री जैसे पुस्तके, कॉपियां पेन और अन्य लेखन सामग्री भेंट की जाए। शैक्षणिक सामग्री चच्चों के सीखने की प्रक्रिया को सशक्त बनाती है और उनके भविष्य में प्रत्यक्ष योगदान देती है। पढ़ने वाले विद्यार्थियों को सीधे शैक्षणिक सहायता प्राप्त होगी।
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स्टैंडिंग कमिटी के अध्यक्ष पद का कार्यभार संभालने के बाद नव-निर्वाचित अध्यक्ष प्रभाकर शिंदे ने मुंबई के विकास, पारदर्शी प्रशासन और नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता देने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे पूरी निष्ठा जनहित को केंद्र में रखकर करेंगे। टैक्स कलेक्शन को लेकर उन्होंने कहा कि सरकारी संस्थानों से बकाया टैक्स वसूलने के लिए रणनीति तैयार की जाएगी।
प्रभाकर शिंदे ने कहा कि मुंबई जैसे महानगर में 1 जल आपूर्ति सबसे अहम मुद्दों में से एक है। बढ़ती जनसंख्या को देखते हुए वर्षा जल संचयन (रैन वॉटर हार्वेस्टिंग) को अनिवार्य रूप से लागू करने, पानी की बर्बादी रोकने, फ्लो मीटर लगाने और समान जल वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा।
इसके साथ ही जल प्रदूषण रोकने और जल स्रोतों के संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता बताई गई। स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी शिंदे ने स्पष्ट रुख अपनाया, उन्होंने कहा कि मुंबई को स्वच्छ रखने के लिए कचरा प्रबंधन, नालों की सफाई और 'स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 जैसे अभियानों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा।