Ashwini Bhide Mumbai BMC Commissioner: उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के अधिकार वाले नगर विकास विभाग और झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण (SRA) को लेकर मुंबई महानगरपालिका (BMC) आयुक्त अश्विनी भिडे ने गंभीर सवाल उठाए हैं। नगर विकास विभाग को भेजे गए एक पत्र में उन्होंने आरोप लगाया है कि SRA की कार्यप्रणाली के कारण BMC को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। आयुक्त ने करीब 300 SRA योजनाओं में नियमों के विपरीत प्रीमियम छूट दिए जाने का मुद्दा उठाया है।
BMC के अनुसार, विकास नियंत्रण नियमावली के नियम 33(10) के तहत झोपड़पट्टी वाले क्षेत्रों का पुनर्विकास किया जाता है, जबकि खाली भूखंडों के विकास के लिए नियम 33(11) लागू होता है। महानगरपालिका का कहना है कि 33(11) के तहत आने वाली योजनाओं को SRA योजनाओं में मिलने वाली प्रीमियम छूट का लाभ नहीं मिलना चाहिए।
आयुक्त अश्विनी भिडे ने आरोप लगाया है कि इसके बावजूद करीब 300 योजनाओं में प्रीमियम छूट का लाभ दिया गया। BMC का दावा है कि इससे महानगरपालिका के राजस्व पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। पत्र सामने आने के बाद इस मुद्दे को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
अश्विनी भिडे ने अपने पत्र में बताया कि इस मामले पर पहले भी आपत्ति जताई जा चुकी है। BMC के पूर्व आयुक्त भूषण गगराणी ने 29 अगस्त 2024 को इस मुद्दे को उठाया था। इसके बाद नगर विकास विभाग की ओर से संबंधित निर्देश जारी किए गए थे। हालांकि, आरोप है कि SRA ने इन निर्देशों का पूरी तरह पालन नहीं किया।
BMC आयुक्त ने नियम 33(11) के तहत आने वाली सभी योजनाओं की जिम्मेदारी और अधिकार महानगरपालिका को सौंपने की मांग की है।
उनका कहना है कि इससे नियमों का स्पष्ट रूप से पालन सुनिश्चित होगा और BMC के राजस्व की भी सुरक्षा की जा सकेगी। अब नगर विकास विभाग और SRA की ओर से इस पत्र पर क्या कार्रवाई होती है, इस पर नजर रहेगी।