Maharashtra Farm to Foreign Export Driv: महाराष्ट्र में उत्पादित कपास और उससे बने उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार 'फार्म टू फॉरेन' अभियान पर काम कर रही है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बुधवार को कहा कि इस पहल से महाराष्ट्र को वैश्विक निर्यात केंद्र बनाने में मदद मिलेगी और जल्द ही 'मेड इन महाराष्ट्र' उत्पाद विदेशी बाजारों में दिखाई देंगे।
जियो वर्ल्ड सेंटर में आयोजित 'फार्म टू फॉरेन कॉन्क्लेव 2026' में शिंदे ने कहा कि सरकार 'फाइव एफ' विजन के तहत फार्म से फाइबर, फाइबर से फैक्टरी, फैक्टरी से फैशन और फैशन से फॉरेन तक की पूरी श्रृंखला को मजबूत कर रही है। इसका उद्देश्य कपास, रेशम, जूट और फलों जैसे महाराष्ट्र के उत्पादों की वैश्विक ब्रांडिंग करना है।
का पीएम मित्रा पार्क और अमरावती टेक्सटाइल क्लस्टर राज्य के कपड़ा उद्योग को नई गति देंगे। इचलकरंजी, सोलापुर और भिवंडी सहित विभिन्न क्षेत्रों में रेडीमेड गारमेंट क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्पादन को ग्रीन, डिजिटल और पारदर्शी बनाना भी जरूरी है।
पैठणी और कोल्हापुरी चप्पल जैसे पारंपरिक उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। भायखला स्थित इंडिया यूनाइटेड मिल की जमीन पर टेक्सटाइल, क्राफ्ट एंड कल्चरल म्यूजियम बनाया जा रहा है।
शिंदे ने कहा कि समृद्धि महामार्ग, नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और जेएनपीए बंदरगाह से महाराष्ट्र के उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाना आसान होगा। उन्होंने उद्यमियों से राज्य में निवेश करने की अपील की।