अनिल परब और वरुण सरदेसाई (सौ. डिजाइन फोटो ) 
मुंबई

Mumbai: अनिल परब के करीबी शेखर वायंगणकर निष्कासित, यूबीटी शिवसेना में बगावत तेज

Maharashtra Local Body Election: बीएमसी और वसई-विरार चुनाव से पहले उद्धव ठाकरे ने बड़ा फैसला लेते हुए पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में 29 नेताओं को शिवसेना (यूबीटी) से निष्कासित कर दिया है।

अपूर्वा नायक

Mumbai News In Hindi: मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) और वसई-विरार महापालिका चुनावों के लिए मतदान का काउंटडाउन शुरू हो गया है। इस पार्श्वभूमि में पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की पार्टी में उम्मीदवारी को लेकर नाराजगी चरम पर है।

बगावत का झंडा बुलंद करनेवालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करके हुए उद्धव ने अपने 29 पुराने सहयोगियों को शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इनमें उद्धव के विशिष्ट सहयोगी माने जानेवाले नेता और विधायक अनिल परब के करीबी शेखर वायंगणकर भी शामिल हैं। बांद्रा-पूर्व विधानसभा क्षेत्र में टिकट वितरण को लेकर अनिल परब और आदित्य ठाकरे-वरुण सरदेसाई गुट के बीच मतभेद सार्वजनिक हुए।

परब और सरदेसाई गुट के बीच मतभेद

2017 में वार्ड क्रमांक 95 से शेखर वायंगणकर शिवसेना के नगर सेवक चुने गए थे। शिवसेना में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में हुई बगावत के बाद मिले प्रलोभनों के बावजूद भी वायंगणकर उद्धव के साथ ही बने रहे।

इससे पहले किरीट सोमैया और नवनीत राणा के खिलाफ आंदोलनों में शामिल होने की वजह से उनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हुआ, लेकिन मौजूदा बीएमसी चुनाव के लिए वार्ड 95 से अनिल परब के समर्थन के बाद भी वायंगणकर की उम्मीदवारी नहीं दी गई।

ऐसा माना जा रहा है कि स्थानीय विधायक वरुण सरदेसाई के प्रभाव के कारण हरी शास्त्री को यूबीटी की उम्मीदवारी दी गई। नतीजतन ठाकरे परिवार की मध्यस्थता और परब के समझाने के बाद भी नाराज वायंगणकर, निर्दलीय चुनाव लड़ने पर अड़ गए है।

चुनाव में पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने के आरोपों के चलते उद्धव ने वायंगणकर सहित अन्य बागियों को निष्वासित करने का निर्णय लिया है। निष्कासन की यह कार्रवाई मुख्य रूप से मुबई के विभिन्न वार्डों और प्रभागों के पदाधिकारियों के खिलाफ की गई है।

सूची में शामिल कुछ प्रमुख नाम हैं

प्रभाग 74: संदीप मोरे, मंदार मोरे, प्रभाग 169: कमलाकर नाईक, प्रभाग 170 सोनाली म्हात्रे, प्रभाग 109: संगीता गोसावी, प्रभाग 131: नीता शितोले, प्रभाग 142: रोहिदास ढेरंगे, प्रभाग 143: सदाशिव बालगुडे, विराग पावसकर, प्रभाग 150: विकी मोरे, प्रभाग 155: निखिल भोईटे, प्रभाग 146: आनंद इंगले, प्रभाग 147: विजय नागावकर, प्रभाग 183: रोहित खैरे, गणेश खाडे, प्रभाग 186: गणेश सोनवणे, चेतन सूर्यवंशी, माधुरी गायकवाड, प्रभाग 185: कमलेश वारीया, प्रभाग 193: बाबू कोली, प्रभाग 197: परशुराम (छोटू) देसाई, प्रभाग 202: विजय इंदुलकर, प्रभाग 207: रोहित देशमुख, प्रभाग 208: मंगेश बनसोड, प्रभाग 203: दिव्या बडवे, प्रभाग 218: नयना देहेरकर, आरती लोणकर, प्रभाग 225: प्रवीण कोलाबकर।

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वसई-विरार से भी निष्कासन, कईयों को किया बाहर

इसके अलावा, वसई-विरार महापालिका चुनाव में पक्षशिवरांची कार्यवाही के आरोप में हरिश्चंद्र गोविंद पाटील, दिलीप गोधाल कुवेसकर, विश्वास भास्कर किणी, वैभव विद्याचर देठेकर, श्रीकात गांधाल महाकाल, शैलेंद्र श्रीकात गोलवणकर, एड, कल्याणी किरण पाटील और हेमलता भगत को भी पार्टी से बाहर कर दिया गया है।

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