बीएमसी (फोटो नवभारत)
मुंबई

50% डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे BMC क्लीनिकों को राहत, मुंबई में 250 नए मेडिकल ऑफिसर होंगे नियुक्त

BMC Medical Officer Recruitment: मुंबई के BMC क्लीनिकों में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए 250 स्थायी मेडिकल ऑफिसर नियुक्त किए जाएंगे। जिसकी भर्ती प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

आलोक उमाकृष्ण

Mumbai Clinics To Get New Medical Officers: बीएमसी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों की कमी ने मरीजों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी है। एक तरफ मानसून के सीजन में अस्पतालों और क्लीनिकों में मरीजों की भीड़ लगी हुई तो दूसरी तरफ चिकित्स्कों की कमी ने माहौल को और बिगड़ दिया है।

झुग्गी बस्तियों के मरीज अधिकतर बीएमसी दवाखानों और अस्पतालों पर निर्भर होते हैं, लेकिन उन्हें वहां डॉक्टरों के अभाव में लंबे इंतजार और यहां से वहां भटकने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। महानगरपालिका के अधीन आने वाले क्लीनिकों पर 50 फीसदी चिकित्सकों की कमी है। ये बेहद चौंकाने वाला आंकड़ा है।

BMC अस्पतालों पर बढ़ा मरीजों का दबाव

काफी समय से प्रशासन की तरफ से कमी को पूरा करने का आश्वासन दिया जा रहा है लेकिन अब तक उस दिशा में कोई बड़ा कदम नहीं उठाया गया है। लगातार डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे क्लीनिकों में मरीज और उनके परिजनों की उम्मीद भी अब टूटने लगी है।

मुंबई में बीएमसी के क्लीनिकों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की कमी का सीधा असर मरीजों पर पड़ रहा है। पर्याप्त चिकित्सक उपलब्ध नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए बीएमसी के अस्पतालों का रुख कर रहे हैं। इससे पहले से ही मरीजों की भीड़ का सामना कर रहे अस्पतालों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है।

अब क्लीनिकों में डॉक्टरों की कमी होगी दूर

कई मरीजों को जांच और इलाज के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है। इस स्थिति के बीच बीएमसी ने जल्द राहत मिलने का दावा किया है। प्रशासन के अनुसार, क्लीनिकों में चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

बीएमसी के कार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी संतोष गायकवाड़ ने बताया कि बीएमसी की तरफ से जल्द ही क्लीनिकों पर स्थाई 250 मेडिकल ऑफिसर की नियुक्ति होने वाली है। प्रक्रिया शुरू हो गई है जल्द ही उनकी भाली भी हो जाएगी।

जिससे बीएमसी के क्लीनिकों पर चिकित्सकों के अभाव का अतिरिक्त बोझ कम होगा। गायकवाड़ ने ये भी कहा कि कई प्राथमिक केंद्रों (आपला दवाखाना) पर पहले से काम कर रहे अस्थाई मेडकल कर्मियों को संख्या काफी है। लेकिन जरूरत पड़ी तो उसे भी बढ़ाया जा सकता है।

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