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मुंबई में 25 हजार पुरानी इमारतों को राहत, BMC की अभय योजना से 12 लाख लोगों को मिलेगा फायदा

Mumbai Buildings News: मुंबई में बिना ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट (OC) वाली पुरानी इमारतों के लिए बीएमसी ने अभय योजना को मंजूरी दी। इससे 25 हजार इमारतों के 12 लाख लोगों को राहत मिलेगी।

रूपम सिंह

Mumbai Buildings Without OC Relief: मुंबई में वर्षों से अपने ही घर में रहने के बावजूद 'अवैध कब्जेदार' का टैग झेल रहे लाखों परिवारों के लिए बीएमसी ने राहत का दरवाजा खोल दिया है। बीएमसी ने बिना ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट (ओसी) वाली पुरानी आवासीय इमारतों को नियमित करने की दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए मंगलवार रात बीएमसी सदन में अभय योजना (एमनेस्टी स्कीम) को मंजूरी दे दी। इस फैसले से शहर की करीब 25 हजार इमारतों में रहने वाले लगभग 12 लाख लोगों को फायदा मिलने की उम्मीद है। इससे पहले इसे स्टैंडिंग कमेटी की मंजूरी मिल चुकी है।

हालांकि, इस योजना का लाभ बिना ओसी वाली इमारत को नहीं मिलेगा। बीएमसी ने इसके लिए स्पष्ट कटऑफ तय किया है। 17 नवंबर, 2016 तक जिन आवासीय इमारतों में लोग रहना शुरू कर चुके थे, उन्हें ही योजना के तहत ओसी देने पर विचार किया जाएगा। इसके साथ ही संबंधित इमारत का कारपेट एरिया कम से कम 80 वर्ग फुट होना जरूरी होगा। इस योजना की सबसे बड़ी राहत शुल्क में मिलने वाली छूट है। बीएमसी ने नियमन शुल्क, जुर्माना और आवेदन शुल्क समेत विभिन्न मदों में 50 प्रतिशत तक की छूट देने का प्रावधान किया है। ओसी मिलने के बाद संबंधित इमारतों पर संपत्ति कर बीएमसी द्वारा निर्धारित दरों के अनुसार लगाया जाएगा।

बिल्डर की गलती का खामियाजा भुगत रहे थे खरीदार

मुंबई में हजारों परिवार ऐसे हैं, जिन्होंने बिल्डर को पैसे देकर घर खरीदा और वर्षों से उसमें रह रहे हैं, लेकिन बिल्डर ने इमारत की जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं की। कई मामलों में स्वीकृत नक्शे से अलग निर्माण, अग्निशमन विभाग की मंजूरी नहीं मिलना या अन्य नियमों का पालन नहीं होने के कारण ओसी अटक गया। इसका सीधा असर घर खरीदारों पर पड़ा।

ओसी नहीं होने के कारण इन परिवारों को अपनी ही संपत्ति को लेकर कई परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। बता दें कि मकान बेचने में अड़चन आती है, बैंक से होम लोन मिलने में दिक्कत होती है और संपत्ति का कानूनी हस्तांतरण भी प्रभावित होता है। पानी और सीवेज जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी ऐसे मकानों पर बीएमसी की कार्रवाई का खतरा बना रहता है।

2018 से चल रही थी कवायद

बता दें कि बिना ओसी वाली इमारतों को राहत देने की मांग नई नहीं है। इस योजना का विचार 2018 में पहली बार सामने आया था, लेकिन इसे अमल में लाने में करीब आठ साल लग गए, दिसंबर 2025 में राज्य के शहरी विकास विभाग ने भी राज्य की आवासीय इमारतों को ओसी देने की नीति को मंजूरी दी थी। इसके बाद अप्रैल 2026 में बीएमसी स्तर पर एमनेस्टी योजना को मंजूरी मिली और अब इसे मुंबई बीएमसी सदन की स्वीकृति मिल गई है।

पहले घर, स्कूल और अस्पताल; दुकानों पर बाद में लिया जाएगा फैसला

  • बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि फिलहाल योजना में आवासीय इमारतों के साथ स्कूल और अस्पताल शामिल किए गए हैं। व्यावसायिक इमारतों को इसका लाभ देने के लिए अलग नीति तैयार की जा रही है।

  • बीएमसी के अनुसार, आने वाले कुछ सप्ताह में वार्ड कार्यालयों के माध्यम से योजना को लागू करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। ओसी महज एक कागजी प्रमाणपत्र नहीं है।

  • यह इस बात का प्रमाण है कि संबंधित इमारत स्वीकृत योजना और आवश्यक सुरक्षा मानकों के अनुरूप है तथा उसमें रहने की अनुमति दी जा सकती है। ऐसे में लंबे समय से ओसी के इंतजार में बैठे मुंबईकरों के लिए यह फैसला सिर्फ शुल्क में छूट नहीं, बल्कि अपने घर को वैधता के दायरे में लाने का महत्वपूर्ण मौका माना जा रहा है।

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