Mumbai BMC Air Pollution Control Action Plan: मुंबई शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने ‘वायु प्रदूषण नियंत्रण एवं प्रवर्तन कार्ययोजना-2026’ तैयार की है।
इस योजना के तहत मुंबई के प्रत्येक प्रशासनिक विभाग में कम से कम 10 वायु प्रदूषण हॉटस्पॉट चिन्हित किए जाएंगे। इन स्थानों की सूची और मानचित्र तैयार कर नियमित निगरानी की जाएगी।
BMC की योजना में निर्माण एवं पुनर्विकास परियोजनाओं, सड़क की धूल, मलबे, खुले में कचरा जलाने और वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
महापौर रितू तावड़े, उप महापौर संजय घाड़ी और BMC आयुक्त अश्विनी भिड़े के मार्गदर्शन में तैयार इस कार्ययोजना को लागू करने की जिम्मेदारी वार्ड स्तर के सहायक आयुक्तों को सौंपी गई है।
प्रत्येक प्रदूषण हॉटस्पॉट के लिए एक जिम्मेदार अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। यह अधिकारी संबंधित क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण उपायों की नियमित समीक्षा करेंगे और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। इससे स्थानीय स्तर पर प्रदूषण की निगरानी और नियंत्रण को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया जाएगा।
निर्माण और तोड़फोड़ से जुड़े स्थलों पर 28 सूत्रीय दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। नियमों के उल्लंघन पर कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर काम रोकने या स्थल को सील करने जैसी कार्रवाई भी की जा सकेगी।
मुंबई बीएमसी के प्रत्येक निरीक्षण दल को प्रतिदिन कम से कम दो निर्माण स्थलों का निरीक्षण करना होगा। तोड़फोड़ के दौरान बैरिकेडिंग, तिरपाल या हरे कपड़े से स्थल को ढकना और लगातार सूक्ष्म जल का छिड़काव करना अनिवार्य किया गया है, ताकि धूल के फैलाव को रोका जा सके।
मानसून के बाद सड़कों पर जमा गाद, कीचड़ और धूल हटाने के लिए BMC अक्टूबर के पहले और दूसरे सप्ताह में ‘पोस्ट-मानसून डीप क्लीनिंग ड्राइव’ चलाएगी। इस अभियान के जरिए सड़कों की सफाई और धूल नियंत्रण के उपायों को तेज किया जाएगा, जिससे मुंबई शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार लाने का प्रयास किया जाएगा।