Gopichand Padalkar On Sanjay Raut: महाराष्ट्र की राजनीति में नेताओं के बीच जारी जुबानी जंग अब भाषाई मर्यादा की सभी सीमाओं को लांघती नजर आ रही है। सांगली में मीडिया कर्मियों से बात करते हुए भाजपा विधायक गोपीचंद पडलकर का गुस्सा शिवसेना नेता संजय राउत पर इस कदर फूटा कि उन्होंने बेहद अशोभनीय टिप्पणी कर डाली। पडलकर ने राउत की प्रशासनिक समझ पर सवाल उठाते हुए कहा, "संजय राउत ने आज तक किया क्या है? क्या उन्होंने कोई शौचालय बनवाया है या सीवर साफ कराया है? वे सिर्फ रोजाना अखबार में संपादकीय लिख सकते हैं, लेकिन उनके लिखे वो लेख भी सिर्फ बच्चों के नितंब (शौच) साफ करने के काम आते हैं।"
पडलकर यहीं नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा कि राउत ने कभी अपने पूरे जीवन में संपादकीयों के जरिए महाराष्ट्र के वास्तविक विकास, बुनियादी ढांचे या किसानों की समस्याओं के बारे में एक शब्द भी नहीं लिखा है। उनका काम सिर्फ सरकार के हर अच्छे फैसले की नाप-जोख करना और उसमें कमियां ढूंढकर राजनीति चमकाना है। भाजपा विधायक के इस अमर्यादित बयान के बाद महा विकास अघाड़ी के कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है और वे पडलकर से सार्वजनिक माफी की मांग कर रहे हैं।
इस ताजा विवाद की जड़ें कुछ दिन पहले के उस बयान से जुड़ी हैं, जब गोपीचंद पडलकर ने वैश्विक ईंधन संकट पर बात करते हुए कहा था कि 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) के बंद होने से कई देशों का तेल उत्पादन ठप हो गया है। भारत के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी समुद्र के नीचे से एक विशाल तेल पाइपलाइन बिछाने के विकल्प पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। इस बयान पर तंज कसते हुए संजय राउत ने कहा था कि क्या पीएम मोदी अब पाइपलाइन की जगह देखने के लिए पनडुब्बी से समुद्र के नीचे रहने जाएंगे?
संजय राउत पर हमला बोलने के साथ ही पडलकर ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद चंद्र पवार) के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल के गृह जिले सांगली में उन्हें बड़ा झटका दिया है। सांगली नगर निगम में शरद पवार गुट के दो मौजूदा पार्षदों ने एनसीपी का साथ छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया है। इस दलबदल के बाद आक्रामक हुए पडलकर ने चेतावनी देते हुए कहा, "जयंत पाटिल के निर्वाचन क्षेत्र ईश्वरपुर के पार्षदों और आगामी सांगली-सतारा विधानसभा चुनावों के बाद जिला परिषद सदस्यों की संख्या देख लीजिएगा, पाटिल के पास कोई नहीं बचेगा। उनके सभी सहयोगी बहुत जल्द भाजपा में शामिल होने जा रहे हैं।"
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि गोपीचंद पडलकर का बयानों को लेकर विवादों में आना कोई नई बात नहीं है। वे अपने आक्रामक और तीखे तेवरों के लिए जाने जाते हैं। उनकी राजनीतिक आलोचना का मुख्य केंद्र हमेशा से शरद पवार और उनकी पार्टी रही है। सांगली और सतारा के इस बेल्ट में धनगर समाज के बड़े नेता माने जाने वाले पडलकर अक्सर महा विकास अघाड़ी के शीर्ष नेताओं पर निजी हमले करते आए हैं, जिसके कारण पश्चिमी महाराष्ट्र का सियासी पारा हमेशा चढ़ा रहता है।