Mumbai Electricity Dues: मुंबई में बिजली बकाएदारों को राहत देने के लिए बेस्ट की 'अभय' योजना का दायरा बढ़ाने का फैसला किया गया है। इस योजना को बुधवार को आयोजित बेस्ट समिति की बैठक में सदस्यों के सुझावों समेत मंजूरी दे दी गई। इसके तहत अब 31 अगस्त 2023 तक के बिजली बकाएदार उपभोक्ताओं को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा। पहले यह योजना 31 मार्च 2022 तक के बकाएदारों के लिए लागू थी।
बताया गया है कि अवधि बढ़ने से करीब 18 से 19 हजार उपभोक्ताओं को योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है, जबकि बेस्ट के राजस्व में करीब 43 से 45 करोड़ रुपए तक की बढ़ोतरी का अनुमान है। योजना का अधिक से अधिक लोगों तक लाभ पहुंचाने के लिए मुंबई के सभी 10 विधानसभा क्षेत्रों में व्यापक प्रचार करने पर भी जोर दिया गया है।
16,900 उपभोक्ताओं पर बेस्ट के करीब 39 करोड़ रुपए बकाया हैं। इनमें से प्रशासन अब तक केवल 10।62 करोड़ रुपए की वसूली कर सका है। स्थायी रूप से बिजली आपूर्ति काटे गए बेस्ट उपभोक्ताओं से बकाया बिल की वसूली के लिए बेस्ट प्रशासन ने बुधवार को 'अभय योजना-2026' का प्रस्ताव फिर से बेस्ट समिति के समक्ष पेश किया।
इस पर हुई चर्चा में सदस्यों ने मांग रखी की 31 अगस्त 2023 के भी बकाएदारों को योजना में शामिल किया जाए। सदस्य सुनील गणाचार्य ने विभिन्न योजनाओं के प्रभावी प्रचार और क्रियान्वयन की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि योजना लागू करने के बाद उसका पर्याप्त प्रचार नहीं होने से आम लोगों तक उसका लाभनहीं पहुंच पाता।
सदस्य सुनील अहिर ने भी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। बेस्ट समिति सभापति तृष्णा विश्वासराव ने प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए संबंधित अधिकारी को 31 मार्च 2022 की जगह 31 अगस्त 2023 की कटऑफ तारीख लागू करने की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए।
बताया गया है कि अवधि बढ़ाए जाने के बाद उपभोक्ताओं की संख्या में करीब 2 हजार की वृद्धि होने की संभावना है। इससे राजस्व में करीब 3 से 4 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी का अनुमान है।
इस बीच बेस्ट समिति सदस्य तृष्णा विश्वासराव ने अभय योजना को मंजूरी देते हुए कहा कि अभय योजना के कारण उपभोक्ताओं को अपना बकाया बिल भरने में सुविधा मिल रही है। इसलिए योजना की जानकारी सोशल मीडिया समेत विभिन्न माध्यमों से लोगों तक पहुंचाई जाएगी।
करोड़ों रुपए का राजस्व केवल बकाया राशि के कारण अटका हुआ है। ऐसे में बेस्ट प्रशासन को व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाते हुए बकाया राशि की वसूली करनी चाहिए।सुनील अहिर, सदस्य, बेस्ट समिति
मुंबई शहर के सभी 10 विधानसभा क्षेत्रों में रथ के माध्यम से योजना का प्रचार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें और वसूली भी बढ़े।रमाकांत गुप्ता, सदस्य, बेस्ट समिति
बेस्ट बिजली उपभोक्ताओं के आवेदनों पर कार्रवाई में होने वाली प्रशासनिक देरी को दूर करने और बकाया राजस्व की वसूली प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए बेस्ट प्रशासन ने वर्ष 2009, 2013, 2018, 2019 और 2024 में अभय योजनाएं लागू की थीं।
इनमें वर्ष 2018 में बकाया राशि से जुड़े सबसे अधिक 2,415 मामले सामने आए थे। इनमें बेस्ट ने केवल 4.99 करोड़ रुपए की वसूली की है। इसके अलावा वर्ष 2018 से 2024 के बीच 3,902 मामलों में केवल 10.62 करोड़ रुपए की वसूली हुई है। इस ओर बेस्ट समिति सदस्य सुनील गणाचार्य ने सदन का ध्यान आकर्षित किया,