Ajit Pawar Plane Crash: राकां के नेता अजित पवार की विमान हादसे में दर्दनाक मौत के बाद नेताओं की बयानबाजी से रोज नए सवाल खड़े हो रहे हैं। कोई अजित के जीवित होने का दावा कर रहा है, तो कोई विमान हादसे को साजिश बता रहा है। इन सबके बीच राकां के विधायक अमोल मिटकरी ने गंभीर सवाल उठाते हुए इस विमान दुर्घटना को साजिश करार दिया है। मिटकरी का कहना है कि संबंधित कंपनी पहले से ही खराब स्थिति में थी और वर्षों से उस पर प्रतिबंध लगा हुआ था। इसके बावजूद 28 तारीख को वही विमान अजित पवार के लिए उपलब्ध कराया गया।
उन्होंने दावा किया कि वीएसआर कंपनी के पायलट को दो बार बदला गया था और हादसे से पहले दिसंबर 2025 में कंपनी ने हर पायलट का 50 करोड़ रुपये का बीमा भी कराया था। मिटकरी ने सवाल उठाया, “क्या पायलट को हिप्नोटाइज करके इस कृत्य के लिए प्रेरित किया गया या उसे किसी तरह का लालच दिया गया?” उन्होंने यह भी दावा किया कि पायलट ने मेडे (MAYDAY) कॉल नहीं दिया और टेकऑफ के बाद पुणे एयरपोर्ट से संपर्क भी नहीं किया। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
राकां (एसपी) के सांसद बजरंग सोनवणे ने भी संदेह जताया है कि विमान में बम हो सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि उस दिन अजित के साथ उनका निजी सचिव (पीए) विमान में क्यों नहीं था। सोनवणे ने कहा कि बंद कंपनी का विमान अजीत को क्यों दिया गया। उन्होंने इस मामले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिलकर इसकी पूरी जांच की मांग करने की बात कही।
शिवसेना (शिंदे गुट) के मंत्री संजय शिरसाट ने अजीत पवार के जीवित होने को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों पर नाराजगी जताई और लोगों से भ्रमित न होने की अपील की। उन्होंने कहा कि अजित का अंतिम संस्कार किया जा चुका है और उनकी प्रतिमा बनाने का काम शुरू हो गया है। ऐसे में उन्हें जीवित बताना जनता को गुमराह करना है।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर फैल रही इन अफवाहों पर पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने पुष्टि की कि सीआईडी और अन्य एजेंसियां विमान दुर्घटना की गहन जांच कर रही हैं और जल्द ही सच्चाई सामने आ जाएगी।