करोड़ के निवेश घोटाले सांकेतिक फोटो (सोर्स- सोशल मीडिया) 
मुंबई

88 करोड़ निवेश घोटाले का मुख्य आरोपी यूएई से भारत प्रत्यर्पित, CBI इंटरपोल की बड़ी कार्रवाई

Mumbai CBI Interpol Action: 88 करोड़ रुपये के निवेश घोटाले के मुख्य आरोपी अविनाश राठौड़ को यूएई से प्रत्यर्पित कर मुंबई लाया गया। सीबीआई और पुणे EOW आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटीं।

रूपम सिंह

Avinash Arjun Rathod Extradition UAE CBI Interpol Action: करीब 88 करोड़ रुपये के निवेश घोटाले के मुख्य आरोपी अविनाश अर्जुन राठौड़ को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से भारत प्रत्यर्पित कर लाया गया है। सीबीआई ने विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय और इंटरपोल के सहयोग से यह कार्रवाई की। आरोपी को 23 जुलाई को मुंबई लाया गया, जहां से उसे आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए संबंधित एजेंसियों को सौंप दिया गया।

2023 में दर्ज हुआ था मामला

पुणे पुलिस के अनुसार, इस मामले में 20 अप्रैल 2023 को शिकायत दर्ज होने के बाद जांच आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को सौंपी गई थी। जांच में सामने आया कि बाणेर स्थित एपीएस वेल्थ वेंचर्स एलएलपी के संचालक अविनाश राठौड़ और उनकी पत्नी विशाखा राठौड़ ने निवेशकों को कम समय में अधिक और आकर्षक रिटर्न का लालच देकर निवेश कराया। निवेश समझौते करने के बावजूद बाद में निवेशकों की रकम वापस नहीं की गई।

एक निवेशक के 86.37 लाख रुपये भी नहीं लौटाए

शिकायतकर्ता ने कंपनी में 86 लाख 37 हजार 500 रुपये का निवेश किया था, लेकिन उसे भी राशि वापस नहीं मिली। जांच आगे बढ़ने पर खुलासा हुआ कि इसी तरह बड़ी संख्या में निवेशकों से धन जुटाया गया और कुल मिलाकर करीब 88 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी की गई। मामला दर्ज होने के बाद अविनाश राठौड़ और उसकी पत्नी फरार हो गए थे।

रेड कॉर्नर नोटिस और लुक आउट सर्कुलर जारी

जांच एजेंसियों ने आरोपियों के विदेश भागने की आशंका को देखते हुए 24 अप्रैल 2024 को दोनों के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी किया। बाद में इंटरपोल के माध्यम से रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया। अंतरराष्ट्रीय कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद यूएई प्रशासन के सहयोग से अविनाश राठौड़ को भारत प्रत्यर्पित किया गया।

अब EOW करेगी विस्तृत जांच

प्रत्यर्पण के बाद आरोपी को संबंधित अदालत में पेश किया जाएगा। पुणे पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा अब मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका, निवेशकों की रकम के इस्तेमाल, वित्तीय लेनदेन और संभावित सहयोगियों की जांच करेगी। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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