Bullet Train Update: भारत में बुनियादी ढांचे के विकास को नई गति देते हुए सरकार ने मुंबई-हैदराबाद बुलेट ट्रेन (High-Speed Rail) परियोजना पर काम तेज कर दिया है। हाल ही में पेश हुए बजट 2026 में इस कॉरिडोर को देश के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण 'ग्रोथ कनेक्टर' माना गया है। यह हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर न केवल दो प्रमुख आर्थिक केंद्रों को जोड़ेगा, बल्कि महाराष्ट्र, कर्नाटक और तेलंगाना के बीच व्यापार और पर्यटन के नए रास्ते भी खोलेगा। वर्तमान में मुंबई से हैदराबाद पहुंचने में लगने वाला 12 से 15 घंटे का समय इस ट्रेन के शुरू होने के बाद बहुत कम रह जाएगा।
लगभग 711 किलोमीटर लंबे इस प्रस्तावित रूट के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा चुकी है। इस मार्ग पर ट्रेन की अधिकतम गति 350 किमी प्रति घंटा होगी, जिससे यात्रियों को हवाई यात्रा जैसा अनुभव मिलेगा। यह कॉरिडोर ठाणे, पुणे और सोलापुर जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक शहरों से होकर गुजरेगा, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है।
मुंबई-हैदराबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर कुल 11 स्टेशनों का प्रस्ताव दिया गया है। यात्रा की शुरुआत मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) से होगी, जो नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (ठाणे) के पास से गुजरेगी। इसके बाद ट्रेन लोनावला, पुणे, दौंड, अकलुज, पंढरपुर और सोलापुर स्टेशनों पर रुकेगी। महाराष्ट्र की सीमा पार करने के बाद कर्नाटक के कलबुर्गी (गुलबर्गा) और तेलंगाना के जहीराबाद होते हुए यह हैदराबाद के शमशाबाद (एयरपोर्ट के पास) पहुंचेगी। स्टेशनों का चयन इस तरह किया गया है कि कृषि, धार्मिक और औद्योगिक तीनों क्षेत्रों को लाभ मिल सके।
इस हाई-स्पीड रेल सेवा का सबसे बड़ा लाभ समय की बचत होगा। बुलेट ट्रेन शुरू होने के बाद मुंबई से हैदराबाद की दूरी मात्र 3 से 3.5 घंटे में तय की जा सकेगी। विशेष रूप से मुंबई और पुणे के बीच की दूरी केवल 45 से 50 मिनट में पूरी होगी, जो वर्तमान में सड़क मार्ग से 3 घंटे से अधिक लेती है। इसी तरह पुणे से हैदराबाद का सफर भी 2 घंटे के भीतर सिमट जाएगा। यह न केवल आम यात्रियों के लिए फायदेमंद होगा, बल्कि व्यापारिक वर्ग के लिए भी 'डे-ट्रिप' (दिन में जाकर वापस आना) को संभव बनाएगा।
बजट 2026 में फंड आवंटन के साथ ही इस प्रोजेक्ट के भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी आने की संभावना है। रेलवे मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, निर्माण कार्य 2027 के मध्य तक शुरू हो सकता है। चूंकि मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन का अनुभव सरकार के पास है, इसलिए इस कॉरिडोर को अधिक तेजी से पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि 2032 से 2035 के बीच इस रूट पर पहली बुलेट ट्रेन दौड़ सकती है। वर्तमान में सॉइल टेस्टिंग और रूट सर्वे का काम अंतिम चरण में है।