Mumbai - Ahmedabad Bullet Train Sonic Boom Solution: बुलेट ट्रेन परियोजना में विश्वस्तरीय तकनीक का संगम देखने को मिलेगा। भारत में पहली बार रेलवे की पर्वतीय सुरंगों पर अत्याधुनिक टनल हुड्स लगाए जा रहे हैं, जो हाई-स्पीड ट्रेनों के टनल में प्रवेश और निकास के दौरान उत्पन्न होने वाले दबाव और शोर को नियंत्रित करेंगे। महाराष्ट्र और गुजरात की सुरंगों पर इनका निर्माण शुरू हो चुका है। इस तकनीक की मदद से ‘सोनिक बूम’ या धमाके जैसी आवाज को कम किया जा सकेगा। इससे बुलेट ट्रेन का सफर अधिक शांत, सुरक्षित और आरामदायक बनेगा और यात्रियों को विश्वस्तरीय यात्रा अनुभव मिलेगा।
एनएचएसआरसीएल के अनुसार जब कोई हाई-स्पीड ट्रेन सुरंग में प्रवेश करती है, तो वह अपने आगे बड़ी मात्रा में हवा को धक्का देती है, जिससे टनल के भीतर दबाव तरंगें उत्पन्न होती हैं। यदि इनका उचित प्रबंधन नहीं किया जाए, तो ट्रेन के सुरंग से बाहर निकलते समय तेज धमाके जैसी आवाज पैदा हो सकती है। इसे ‘टनल बूम’ या ‘सोनिक बूम’ भी कहा जाता है। इसी समस्या के समाधान के लिए टनल हुड्स को डिजाइन किया गया है।
ये खुले वातावरण और सुरंग के सीमित स्थान के बीच संक्रमण क्षेत्र के रूप में कार्य करते हैं। साथ ही हवा के धीरे-धीरे प्रवेश और निकास को सुनिश्चित कर दबाव में अचानक होने वाले बदलाव को नियंत्रित करते हैं। इससे ट्रेन संचालन की एयरोडायनामिक क्षमता बेहतर होती है और शोर भी कम होता है।
टनल हुड्स की एक प्रमुख विशेषता इनमें बनाए गए विशेष प्रेशर-रिलीफ वेंट्स या विंडोज हैं। ट्रेन के सुरंग में प्रवेश करते समय ये वेंट्स संपीड़ित हवा के एक हिस्से को नियंत्रित तरीके से बाहर निकलने देते हैं, जिससे दबाव तरंगों की तीव्रता कम होती है, टनल बूम न्यूनतम होता है और वायु प्रवाह अधिक सुचारू बना रहता है।
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बुलेट ट्रेन परियोजना में टनल हुड्स का उपयोग वैश्विक हाई-स्पीड रेल तकनीक और अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम इंजीनियरिंग मानकों को अपनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जिन देशों में 300 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक गति वाली बुलेट ट्रेनें संचालित होती हैं, वहां यह तकनीक व्यापक रूप से उपयोग में लाई जाती है। अधिकारियों का कहना है कि इस तकनीक से यात्रियों को अधिक शांत, सुरक्षित और विश्वस्तरीय यात्रा अनुभव मिलेगा। साथ ही आसपास के क्षेत्रों में शोर और अन्य व्यवधान भी कम होंगे।
| क्रम सं. | पर्वतीय सुरंग (एमटी) | टनल की लंबाई | टनल हुड की लंबाई | विंडोज की संख्या |
|---|---|---|---|---|
| 1 | एमटी-8 (वलसाड) | 350 मीटर | प्रत्येक तरफ 31 मीटर | प्रत्येक छोर पर 20 |
| 2 | एमटी-7 (पालघर) | 417 मीटर | प्रत्येक तरफ 32 मीटर | प्रत्येक छोर पर 20 |
| 3 | एमटी-6 (पालघर) | 454 मीटर | प्रत्येक तरफ 32 मीटर | प्रत्येक छोर पर 20 |
| 4 | एमटी-5 (पालघर) | 1.5 कि.मी. | प्रत्येक तरफ 40 मीटर | प्रत्येक छोर पर 24 |
| 5 | एमटी-4 + एमटी-3 (पालघर) | 2.66 कि.मी. | प्रत्येक तरफ 45 मीटर | प्रत्येक छोर पर 26 |
| 6 | एमटी-2 (पालघर) | 228 मीटर | प्रत्येक तरफ 30 मीटर | प्रत्येक छोर पर 20 |
| 7 | एमटी-1 (पालघर) | 820 मीटर | प्रत्येक तरफ 35 मीटर | प्रत्येक छोर पर 22 |