MSRTC Revenue Boost Strategy: महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एसटी) की बस सेवाएं अब धीरे-धीरे पटरी पर लौटती नजर आ रही हैं। राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक द्वारा अधिकारियों को दिए गए कड़े निर्देशों और लगातार ली जा रही समीक्षा बैठकों का सकारात्मक असर दिखने लगा है।
परिवहन विभाग की इस सख्त रणनीति के चलते जुलाई की तुलना में अगस्त महीने में एसटी के राजस्व में 66 करोड़ रुपये की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
एसटी के आंकड़ों के विश्लेषण से यह बात सामने आई थी कि लगभग 85 प्रतिशत से अधिक यात्री 100 किलोमीटर के भीतर की दूरी का सफर करते हैं। इसके बावजूद लंबे मार्गों पर, जहाँ यात्रियों की संख्या कम थी, अधिक बस फेरियां (ट्रिप्स) चलाई जा रही थीं। इससे ईंधन और रखरखाव का अनावश्यक खर्च बढ़ रहा था।
मंत्री प्रताप सरनाईक के निर्देश पर 'जहां यात्री, वहां एसटी की फेरी' नीति लागू की गई। इसके तहत आगारों (डिपो) ने स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर नया यातायात नियोजन शुरू किया। नौकरीपेशा लोगों, किसानों, महिलाओं, विद्यार्थियों और वरिष्ठ नागरिकों के आवागमन के समय को ध्यान में रखकर बस फेरियां तय की गईं। इसके अलावा साप्ताहिक बाजारों, स्थानीय मेलों और त्योहारों के दौरान अतिरिक्त बसें चलाई गईं, जिससे घाटे को कम करने में मदद मिली।
अगस्त महीने में रक्षाबंधन के अवसर पर एसटी को अभूतपूर्व सफलता मिली। 31 अगस्त को एक ही दिन में 45 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड टिकट बिक्री हुई, जबकि सामान्य दिनों में यह आय 34 से 35 करोड़ रुपये के आसपास रहती है। इसके साथ ही, अगस्त में पहली बार एसटी बस की कुल मासिक आय 1,000 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आय में वृद्धि का यह सकारात्मक रुझान अगले दो-तीन महीनों तक कायम रहा, तो एसटी का चालू घाटा पूरी तरह से समाप्त होने की उम्मीद है।