ऑटो रिक्शा प्रतीकात्मक तस्वीर, सोर्स: सोशल मीडिया
महाराष्ट्र

महाराष्ट्र में सभी ऑटो रिक्शा ड्राइवरों को मराठी बोलना जरूरी, लाइसेंस देते वक्त ही होगा मराठी का टेस्ट

Marathi Mandatory: महाराष्ट्र सरकार ने ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए व्यावहारिक मराठी भाषा का ज्ञान अनिवार्य कर दिया है। अब ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने से पहले चालकों का मराठी टेस्ट लिया जाएगा।

आकाश मसने

Marathi Mandatory For All Auto-Rickshaw Drivers: महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों को मराठी सीखना जरूरी कर दिया गया है। मराठी को लेकर सरकार ने नए नियम लागू कर दिए है। अब लाइसेंस देते वक्त ही मराठी भाषा को टेस्ट होगा।

महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए व्यावहारिक मराठी का ज्ञान अनिवार्य किए जा चुके हैं। हालांकि, अभी भी बड़ी संख्या में चालक मराठी का व्यवहारिक ज्ञान नहीं सीख सके हैं। ऐसे में संशोधित नियमों को लागू करने के तरीके पर बुधवार को मंत्री प्रताप सरनाईक के अध्यक्षता में परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक हुई।

परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक की अध्यक्षता में हुई बैठक में चालकों के मराठी ज्ञान की जांच, उसकी प्रक्रिया और पर्याप्त मराठी ज्ञान नहीं रखने वाले चालकों के खिलाफ आगे की कार्रवाई के साथ ही गाइडलाइन पर चर्चा की गई।

20 अगस्त से शुरू होगी कार्रवाई

मंत्री प्रताप सरनाईक ने बताया कि 12 अगस्त 2026 से महाराष्ट्र में रिक्शा और टैक्सी चलाने के लिए व्यावहारिक मराठी का ज्ञान होना अनिवार्य कर दिया गया है। कल यानी 20 अगस्त से इस पर कार्रवाई शुरू हो जाएगी।

मराठी नहीं आने पर क्या होगी कार्रवाई?

जिन ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों को व्यावहारिक मराठी नहीं आएगी, उन्हें पहले नोटिस दिया जाएगा और सीखने के लिए एक महीने का समय दिया जाएगा। यदि एक महीने के भीतर सुधार नहीं होता है, तो उनका लाइसेंस और बैच तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया जाएगा। इसके बावजूद यदि चालक भाषा सीखने से इनकार करता है या अहंकार दिखाता है, तो उसका लाइसेंस और बैच स्थायी रूप से रद्द किया जा सकता है।

जांच की प्रक्रिया: आरटीओ (RTO) अधिकारी स्टेशनों और रिक्शा स्टैंडों पर औचक निरीक्षण करेंगे। वे चालकों के साथ मराठी में बातचीत करेंगे और उस बातचीत की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जाएगी ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए नए लाइसेंस के लिए नियम

अब से ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए जो भी नए लाइसेंस या बैच जारी किए जाएंगे, उनके लिए मराठी का मौखिक परीक्षण अनिवार्य होगा और उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी। इसके अलावा, बोगस निवास प्रमाण पत्र की भी कड़ी जांच की जाएगी।

105 दिन चला मराठी सिखाने का अभियान

मंत्री ने बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने 105 दिनों तक 'हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे मराठी भाषा अभियान' चलाया था, जिसमें 1,65,600 गैर-मराठी चालकों को मराठी सिखाई गई और उन्हें प्रमाण पत्र दिए गए।

मंत्री प्रताप सरनाईक ने यात्रियों से भी अनुरोध किया है कि वे रिक्शा और टैक्सी चालकों के साथ मराठी में संवाद करें, ताकि उन्हें भाषा सीखने में आसानी हो। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य किसी का रोजगार छीनना नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र की संस्कृति और अस्मिता को बनाए रखना है।

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