Maharashtra MSRTC Depot Redevelopment Devendra Fadnavis: महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल के डिपो के पुनर्विकास के माध्यम से आय बढ़ाकर महामंडल को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने व्यापक योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि प्रत्येक एसटी डिपो की व्यावसायिक क्षमता का आकलन कर उसके अनुसार अलग-अलग विकास योजना बनाई जाए।
उन्होंने पीपीपी मॉडल के जरिए पुनर्विकास को गति देने की मंजूरी दिया है। इतना ही नहीं इसके लिए उन्होंने आवश्यक नीतिगत प्रस्ताव मंत्रिमंडल के समक्ष प्रस्तुत करने के आदेश भी दिया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में वर्षा सरकारी निवास पर आयोजित परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक में परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक, राज्य मंत्री माधुरी मिसाल, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और एसटी महामंडल के उपाध्यक्ष व प्रबंध निदेशक डॉ. माधव कुसेकर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
इस दौरान मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि आर्थिक रूप से व्यवहार्य परियोजनाओं से प्राप्त होने वाली राशि को एस्क्रो खाते में जमा कर अन्य विकास कार्यों में उपयोग किया जाए। उन्होंने पीपीपी परियोजनाओं में डेवलपर्स को दी जाने वाली रियायतों का प्रस्ताव मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए भेजने के निर्देश भी दिए।
सीएम देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया कि एसटी की जमीनों का स्वामित्व महामंडल के पास ही रहेगा। इसके लिए 99 वर्ष के लीज मॉडल पर विचार किया जा रहा है, जिससे भूमि का व्यावसायिक मूल्य बढ़ाया जा सके।
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साथ ही स्टांप ड्यूटी में रियायत से जुड़े कानूनी पहलुओं की भी जांच करने को कहा गया, बैठक में यात्रियों को बेहतर और निर्वाध सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने के लिए एसटी डिपो, मेट्रो और अन्य परिवहन सेवाओं को एकीकृत कर मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब विकसित करने पर भी विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और एसटी की आय में भी वृद्धि होगी।