अडानी समूह परियोजनाएं, वनभूमि मंजूरी सोर्स- सोशल मीडिया
महाराष्ट्र

महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला: अडानी समूह की 2 परियोजनाओं के लिए 0.77 हेक्टेयर वनभूमि हस्तांतरण को मंजूरी

Adani Group Projects: महाराष्ट्र सरकार ने अडानी समूह की दो परियोजनाओं अमरावती गैस पाइपलाइन और रायगढ़ सीमेंट टर्मिनल के लिए 0.7778 हेक्टेयर वनभूमि हस्तांतरित करने की अंतिम मंजूरी दे दी है।

रूपम सिंह

Maharashtra Government Adani Group Forest Land Projects: महाराष्ट्र सरकार ने अडानी समूह से जुड़ी दो परियोजनाओं के लिए कुल 0.7778 हेक्टेयर जंगल की जमीन हस्तांतरित करने को मंजूरी दी है। इसके तहत अमरावती में अडानी टोटल गैस लिमिटेड के प्राकृतिक गैस वितरण नेटवर्क के लिए 0.1281 हेक्टेयर वनभूमि पर 12 इंच व्यास की भूमिगत स्टील गैस पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जबकि रायगढ़ के अलीबाग में अडानी सीमेंटेशन लिमिटेड के सीमेंट बल्क टर्मिनल के लिए 0.6497 हेक्टेयर वनभूमि हस्तांतरित की जाएगी। दोनों मामलों में संबंधित परियोजनाओं के लिए पहले दी गई सैद्धांतिक मंजूरी की शर्तों की पूर्ति के बाद वनभूमि हस्तांतरण को मंजूरी दी गई है।

अमरावती शहर और आसपास के क्षेत्र में बोरी गांव से अमरावती बस डिपो तक 12 इंच व्यास की भूमिगत स्टील प्राकृतिक गैस पाइपलाइन बिछाने के लिए अडानी टोटल गैस लिमिटेड को 0.1281 हेक्टेयर वनभूमि दी जाएगी। इस जमीन का कुल क्षेत्रफल 1,280.800 वर्ग मीटर है। राज्य सरकार ने 9 मार्च 2026 को इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दी थी।

संबंधित शर्तों की पूर्ति की जानकारी मिलने के बाद अब वन संरक्षण एवं संवर्धन अधिनियम, 1980 के तहत अंतिम मंजूरी दी गई है। अमरावती परियोजना के तहत मुंड निशाणकराव, शिरपुर, महुली चोर, वारुडा, बडनेरा कसबा और वडाली के वन क्षेत्र प्रभावित होंगे। वनभूमि का वास्तविक हस्तांतरण करने से पहले शर्तों की पूर्ति हुई है या नहीं, यह अमरावती के उप वन संरक्षक को सुनिश्चित करना होगा।

परियोजना क्षेत्र में वन अधिकारियों को बिना किसी बाधा के प्रवेश देना अडानी टोटल गैस लिमिटेड के लिए अनिवार्य होगा। प्रवेश में बाधा डालने पर वनभूमि हस्तांतरण की अनुमति वापस ली जा सकती है।

रायगढ़ में सीमेंट टर्मिनल

रायगढ़ के अलीचाग तालुका के शहापुर और शाहबाज गांवों में अडानी सीमेंटेशन के प्रस्तावित सीमेंट बल्क टर्मिनल के लिए 0.6497 हेक्टेयर वनभूमि हस्तांतरित होगी। जमीन का इस्तेमाल बर्थिग जेट्टी, बैकअप सुविधाओं वाले कन्वेयर कॉरिडोर और पहुंच मार्ग के लिए किया जाएगा। परियोजना को 29 अक्टूबर 2021 को सैद्धांतिक और शर्तें पूरी होने के बाद 24 अक्टूबर 2025 को अंतिम मंजूरी मिली। हस्तांतरित जमीन में आरक्षित वन, नाला मैग्रोव और क्रीक मैग्रोव शामिल है। इनमें सबसे बड़ा 0.2162 हेक्टेयर क्रीक मैग्रोव क्षेत्र है, जबकि पहुंच मार्ग के लिए 0.0475 हेक्टेयर जमीन निर्धारित है।

शर्तों का उल्लंघन पड़ा भारी

रायगढ़ परियोजना में चनभूमि का वास्तविक कब्जा देने से पहले 24 अक्टूबर 2025 की पर्यावरण मंत्रालय की मंजूरी में निर्धारित शर्तों की पूर्ति सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी अलीबाग के उप वन संरक्षक की होगी, अडानी सीमेंटेशन लिमिटेड को मंजूरी की सभी शर्तों का पालन करना होगा और वन अधिकारियों को परियोजना क्षेत्र में निर्बाध प्रवेश देना होगा।

पश्चिमी चंपारण के बगहा में पहुंचे पप्पू यादव, बाढ़ पीड़ितों को बांटी राहत सामग्री; सरकार पर उठाए गंभीर सवाल

पहलगाम हमले का एक और आतंकी हाशिम मूसा ढेर, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने रखा था 20 लाख रुपये का इनाम

नेपाल की बाढ़ से यूपी-बिहार जलमग्न, चंपारण में 4 जगह टूटे तटबंध, इंद्रावती का जलस्तर 53 साल के रिकॉर्ड के पार

अरब सागर में तीन हजार करोड़ का ड्रग्स बरामद, इंडियन कोस्ट गार्ड के एक्शन में पांच पाकिस्तानी दबोचा गया

IMD Alert: दिल्ली-NCR से यूपी-बिहार तक बिगड़ेगा मौसम, 16 राज्यों में आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी