Maharashtra Ministers Visit Flood Affected Areas: महाराष्ट्र के कई जिलों में भीषण बाढ़ से हाहाकार मचा हुआ है। पीड़ित किसानों और आम लोगों का हाल जानने के लिए फडणवीस सरकार के मंत्री खेतों में पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बाढ़ प्रभावितों को जल्द मदद का आश्वासन दिया है।
राज्य में भारी बारिश के कारण फसलों, पशुओं, घरों और कारोबार को भारी नुकसान हुआ है। सूबे में 20 लोगों की मौत हुई है और करीब 20 लाख हेक्टेयर क्षेत्र से ज्यादा खेती का नुकसान हुआ है। सीएम फडणवीस के निर्देश के बाद पूरी कैबिनेट संकट में फंसे किसानों व लोगों की मदद के लिए एक्शन मोड में आ गई है।
खुद सीएम फडणवीस दोनों डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और अजित पवार सहित सरकार के सभी मंत्री अपने-अपने इलाकों में नुकसान का जायजा लेने के लिए खेतों की मेड़ों पर नजर आ रहे हैं।
सीएम फडणवीस ने बुधवार को सोलापुर और लातूर जिले का दौरा कर नुकसान की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बाढ़ प्रभावित हर नागरिकों की मदद का आश्वासन दिया है। राज्य सरकार इस संकट की घड़ी में बाढ़ पीड़ितों के साथ है और नागरिकों को हर संभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने बाढ़ प्रभावितों को इस संकट की घड़ी में धैर्य बनाए रखने की अपील की है।
सीएम फडणवीस ने कहा कि सरकार के रूप में मैं आपको आश्वासन देता हूं कि हम सभी किसानों को तत्काल सहायता प्रदान करेंगे।कैबिनेट की बैठक में बाढ़ पीड़ितों की आपातकालीन सहायता के लिए 2,000 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। भविष्य में भी बाढ़ पीड़ितों को निर्धारित मानदंडों के अनुसार सहायता प्रदान की जाएगी।
सोलापुर के माढा तहसील के नीमगांव और दारफल सीना गांवों का दौरे के समय पालकमंत्री जयकुमार गोरे, सांसद धैर्यशील मोहिते-पाटिल, विधायक रणजीत सिंह मोहिते-पाटिल, विधायक अभिजीत पाटिल सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। मंत्री पंकजा मुंडे भी बीड जिले में हुए भारी नुकसान का निरीक्षण करने और लोगों की मदद के लिए खेतों का जायजा ले रही हैं।
जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जिन किसानों के खेत, घर, मवेशी बह गए हैं, उन्हें जिला प्रशासन के माध्यम से घरेलू सामान, किराने का सामान और आवश्यक तत्काल सहायता प्रदान की जाएं।
डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने धाराशिव जिले के परंदा तहसील के बाढ़ प्रभावित करंजा गांव में हुए नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों और किसानों से बातचीत की व नुकसान की जानकारी ली और मदद का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर पालकमंत्री प्रताप सरनाईक और स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर सहित स्थानीय विधायक तानाजी सावंत, जिलाधिकारी कीर्ति किरण पुजारी सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने सोलापुर जिले में नुकसान की स्थिति की समीक्षा की। तहसील करमाला के दौरा कोर्टी से उन्होंने अपने निरीक्षण की शुरुआत की। उन्होंने खेतों में जाकर फसल नुकसान की जांच की। और मदद के जरूरी निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
ओला दुष्काल घोषित करने के मामले पर उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि हम भी विपक्ष में रह चुके हैं। किसानों की मदद के लिए हम जो भी कर सकते हैं, उसमें कोई कमी नहीं रखेंगे।
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कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे ने अहिल्यानगर जिले के शेवगांव, भगुर और पाथर्डी तहसील के गांवों में हुए नुकसान का निरीक्षण किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि अगले 10 दिन में पंचनामा पूरा कर लिया जाएगा और दिवाली से पहले राहत राशि सीधे किसानों के खातों में जमा कर दी जाएगी। जिले में 7 लाख 49 हजार एकड़ कृषि क्षेत्र को नुकसान हुआ है।
सभी किसानों की फसल का पंचनामा किया जाएगा। सरकार एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के मानदंडों के अनुसार मुआवजा देने कि लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बीमा कंपनियों को भी तत्काल सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। इस अवसर पर स्थानीय विधायक और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
विपक्ष के नेताओं ने भी किसानों को न्याय दिलाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। शिवसेना (यूबीटी) के पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे आज गुरुवार से बाढ़ प्रभावित इलाकों में हुए नुकसान की समीक्षा करने दौरे पर निकलेंगे। राज्य में आई बाढ़ को लेकर सियासत गर्मा गई है। विपक्ष गीला आकाल घोषित करने की मांग कर रहा है।