'...या कुर्सी छोड़ो', अजित पवार के बाद एकनाथ शिंदे ने भी अपने मंत्रियों को दिया अल्टीमेटम

Maharashtra Politics: डिप्टी सीएम अजित पवार के बाद राज्य के दूसरे उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी अपनी पार्टी के मंत्रियों को फटकार लगाई है। मंत्रियों के परफॉर्मेंस को लेकर नाराजगी जताई।
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एकनाथ शिंदे (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Eknath Shinde News: महायुति सरकार में मंत्रियों के परफॉर्मेंस को लेकर नाराजगी का सिलसिला जारी है। पहले डिप्टी सीएम अजित पवार ने असंतोष जताया था और अब डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने भी अपने गुट के मंत्रियों को फटकार लगाई है।

शिंदे ने स्पष्ट कहा कि मंत्री कैबिन में बैठकर फाइलें निपटाने तक ही सीमित न रहें, बल्कि जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मंत्री लापरवाही जारी रखते हैं तो भविष्य को लेकर कड़े फैसले लेने पड़ सकते हैं।

चुनावों से पहले मिली सख्त नसीहत

राज्य में आने वाले दिनों में महानगर पालिका और जिला परिषद चुनाव होने वाले हैं। शिंदे ने मंत्रियों को साफ संदेश दिया कि अभी से तैयारी में जुट जाएं, वरना नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि जनता ने महायुति सरकार पर भरोसा जताया है और ऐसे में उनकी समस्याओं का समाधान करना ही पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।

जनता दरबार में मौजूद रहने का फरमान

शिंदे ने मंत्रियों को निर्देश दिया कि वे नियमित रूप से जनता दरबार में बैठें। उन्होंने नाराज़गी जताई कि बार-बार आदेश देने के बावजूद कई मंत्री इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। यही कारण है कि जनता में असंतोष बढ़ रहा है और सरकार की छवि पर असर पड़ रहा है।

पार्टी विस्तार में भी सुस्ती

डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने यह भी कहा कि कई मंत्री पार्टी विस्तार को लेकर गंभीरता से काम नहीं कर रहे हैं। चुनावी माहौल में यह रवैया नुकसानदेह हो सकता है। उन्होंने कहा कि जनता के बीच जाकर ही उनकी उम्मीदों पर खरा उतरा जा सकता है।

कड़े फैसलों के संकेत

शिवसेना चीफ शिंदे की चेतावनी साफ तौर पर मंत्रियों को अल्टीमेटम है कि वे तुरंत सक्रियता दिखाएं। अन्यथा आने वाले समय में सख्त कदम उठाए जाएंगे। माना जा रहा है कि निकाय चुनाव को देखते हुए यह बयान पार्टी लाइन को अनुशासित करने और जनता में सकारात्मक संदेश देने की कोशिश है।

अजित पवार ने भी अपने मंत्रियों को दी थी चेतावनी

बता दें कि 19 सितंबर को नागपुर में आयोजित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के चिंतन शिविर में उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने अपने पार्टी के मंत्रियों और पदाधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा था कि जनता के बीच जाकर काम करो नहीं तो कुर्सी छाेड़ दो। चिंतन शिविर में अपने मंत्रियों को जमीन पर रहकर कार्य करने की हिदायत दी।

अजित पवार ने कहा कि नागरिक हमसे प्रामाणिकता व जिम्मेदारी भरे व्यवहार की अपेक्षा रखते हैं। इसलिए उनके साथ टालमटोल का व्यवहार न करें। प्रत्येक घटक के सर्वांगीण विकास की जिम्मेदारी हमारी है। देखेंगे, आज आओ, कल आना, वहां मिलो…जैसा रवैया नहीं चलेगा।

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