Maharashtra Cabinet Decisions Mumbai Metro: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मंगलवार को महाराष्ट्र सरकार की कैबिनेट बैठक हुई। इस बैठक में राज्य के किसानों, बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक सुधारों को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। राहत एवं पुनर्वास, नगर विकास, आवास और कृषि विभाग से जुड़े इन निर्णयों का सीधा असर राज्य की जनता और विकास परियोजनाओं पर पड़ेगा।
महाराष्ट्र कैबिनेट की बैठक में राज्य में सूखे की स्थिति से निपटने और त्वरित राहत उपाय लागू करने के लिए सरकार ने एक उच्च स्तरीय मंत्रिमंडलीय उपसमिति का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता राजस्व मंत्री करेंगे।
इस उप-समिति को जरूरत पड़ने पर फैसले लेने का पूरा अधिकार दिया गया है। इस आने वाले शनिवार तक एक शुरुआती नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। मंत्री खेतों का दौरा करके मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लेंगे। किसानों तक मदद पहुंचाने की कोशिशों में तेजी लाई जाएगी।
मुंबई मेट्रो के विस्तार को गति देने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है। मुंबई मेट्रो लाइन 4, 4A और 10 प्रोजेक्ट्स के इंटीग्रेटेड कार शेड डिपो के लिए अपनी जमीन देने वाले मौजे मोगरपाडा के प्रभावित किसानों को मालिकाना हक के साथ विकसित प्लॉट आवंटित करने की मंजूरी दे दी गई है।
मोगरपाडा सर्वे नंबर 30 में जमीन रखने वाले किसानों को उनके जमीन के हिस्से के 22.5% और 12.5% के बराबर विकसित प्लॉट आवंटित किए जाएंगे। इससे वर्षों से लंबित कार शेड परियोजना का काम तेजी से पूरा हो सकेगा।
महाराष्ट्र सरकार के गृहनिर्माण विभाग ने मुंबई के खार (पश्चिम) इलाके के रामकृष्ण नगर में मौजूद MHADA की इमारतों का सामूहिक रूप से पुनर्विकास को हरी झंडी दे दी है। इलाके की इन पुरानी और जर्जर इमारतों का 'क्लस्टर पुनर्विकास' किया जाएगा ताकि यहां उच्च-गुणवत्ता वाला इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराया जा सके।
फडणवीस कैबिनेट ने धुले महानगरपालिका सीमा के अंतर्गत आने वाले मौजे देवपुर के सर्वे नंबर 103 पर खेल के मैदान और पार्क के आरक्षण को रद्द कर दिया है। अब इस भूमि को सार्वजनिक-अर्धसार्वजनिक क्षेत्र में शामिल करने की मंजूरी दी गई है।
कृषि विभाग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए सरकार ने हाल ही में तैयार किए गए संशोधित संगठनात्मक ढांचे को रद्द कर दिया गया है और 2009 में मंजूर किया गया ढांचा ही अंतरिम तौर पर लागू रहेगा। संगठनात्मक ढांचे के लिए नया प्रस्ताव तैयार करने के लिए एक व्यापक समीक्षा की जाएगी।
इस समीक्षा में विभाग का कामकाज, उपलब्ध मैनपावर, खाली पद, अलग-अलग कैडर की जरूरतें, फील्ड-लेवल मशीनरी की जरूरतें, किसानों से जुड़ी योजनाओं का कामकाज और भविष्य की प्रशासनिक जरूरतें शामिल होंगी।